गोपालगंज : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को डॉक्टरों ने धिक्कार दिवस मनाया. धिक्कार दिवस को लेकर सुबह से शाम छह बजे तक ओपीडी में मरीजों का इलाज ठप रहा. डॉक्टरों का यह विरोध नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल को लेकर था. इसमें एमबीबीएस के फाइनल ईयर के छात्र की दोबारा परीक्षा, काउंसिल में बाहरी लोगों को नहीं रखने के अलावा अन्य तमाम मुद्दे शामिल हैं. आईएमए के सचिव डॉ वैद्यनाथ प्रसाद ने कहा कि सिर्फ इमरजेंसी केस ही किया गया. सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक चिकित्सक ओपीडी नहीं किये. इस दौरान क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब आदि बंद रहे.
धिक्कार दिवस को लेकर शहर में निजी क्लिनिक भी बंद रहे. सुबह से अधिकांश नर्सिंग होम पर ताला लटका रहा. डॉ आलोक कुमार सुमन, डॉ शशि शेखर, डॉ विशाल कुमार, डॉ अमर कुमार, डॉ एके चौधरी, डॉ रवि रंजन प्रसाद, डॉ कौशर जावेद आदि चिकित्सकों के क्लिनिक व नर्सिंग होम बंद रहे. इसके कारण दूर-दराज से आये मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हड़ताल के दौरान सदर अस्पताल की ओपीडी में आईएमए की बैठक हुई. डॉ प्रकाशचंद्र सिंह की अध्यक्षता में डॉक्टरों ने धिक्कार दिवस मनाया. इस दौरान अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गयी. मौके पर डॉ रामप्रवेश सिंह, डॉ शंभुनाथ सिंह, डॉ राम एकबाल ठाकुर, डॉ जीएम झा, डॉ सुनील कुमार रंजन, डॉ अमर कुमार, डॉ आरके सिंह, डॉ विशाल कुमार, डॉ कौशर जावेद, डॉ एके गुप्ता, डॉ सुधांशु शेखर मिश्रा, डॉ भवेश आदि मौजूद थे.
