Gopal Mandal Congress Join: बिहार की राजनीति में अपने बयानों और अलग अंदाज के लिए चर्चा में रहने वाले गोपाल मंडल आज गुरुवार को कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं. जेडीयू के पूर्व विधायक रहे गोपाल मंडल के कांग्रेस में शामिल होने से भागलपुर और आसपास के इलाके की सियासत में हलचल बढ़ गई है. मिलन समारोह का पोस्टर पटना की सड़कों पर लगा है.
गोपाल मंडल जेडीयू के टिकट पर गोपालपुर विधानसभा सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं. 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था. इसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
जेडीयू से चार बार विधायक रहे हैं गोपाल मंडल
नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल की गोपालपुर विधानसभा सीट से लगातार चार बार विधायक रहे हैं. लंबे समय तक जेडीयू से जुड़े रहने के कारण क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पहचान रही है.
हालांकि, 2025 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया. इसके बाद उन्होंने पार्टी से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा. लेकिन इस बार जनता ने उन्हें विधानसभा नहीं भेजा.
अब कांग्रेस में नई राजनीतिक पारी!
चुनाव हारने के बाद भी गोपाल मंडल लगातार राजनीतिक चर्चाओं में बने रहे. अब कांग्रेस में शामिल होने की खबर ने उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर तस्वीर साफ कर दी है.
गोपाल मंडल के कांग्रेस में जाने से पार्टी को भागलपुर और नवगछिया इलाके में एक चर्चित चेहरा मिल सकता है. वहीं, गोपाल मंडल के लिए भी यह एक नई राजनीतिक पारी की शुरुआत होगी.
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बयानों और हरकतों से हमेशा रहे सुर्खियों में
गोपाल मंडल का नाम बिहार की राजनीति में अक्सर अपने बयानों और अलग अंदाज को लेकर चर्चा में आता रहा है. उनके कई बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल होते रहे हैं.
हाल ही में भागलपुर में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उनका एक वीडियो चर्चा में आया था. इसमें वह मंच तक पहुंचने के लिए वीआईपी बैरिकेडिंग को पार करते नजर आए थे. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और लोगों के बीच इसकी खूब चर्चा हुई.
विधानसभा से बाहर होने के बाद भी एक्टिव
2025 में चुनाव हारने के बाद गोपाल मंडल विधानसभा में नहीं पहुंचे. इसके बावजूद उन्होंने राजनीतिक गतिविधियां जारी रखीं.
सरकार और नेताओं को लेकर दिए गए उनके बयान लगातार सुर्खियां बटोरते रहे हैं. अब कांग्रेस में शामिल होने के फैसले से बिहार की राजनीति में उनकी भूमिका एक बार फिर चर्चा में आ गई है.
गोपाल मंडल का कांग्रेस में जाना जेडीयू के लिए भी राजनीतिक झटका माना जा सकता है. खासकर भागलपुर-नवगछिया क्षेत्र में इसका असर देखने को मिल सकता है.
