यज्ञ से आसपास का वातावरण व जनमानस भी पवित्र होते हैं

मगध विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित 10 दिवसीय श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा के निमित रविवार को गाजे- बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गयी.

बोधगया.

मगध विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित 10 दिवसीय श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा के निमित रविवार को गाजे- बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गयी. निरंजना नदी में श्री शंकराचार्य मठ के घाट पर जलभरी हुई व इसमें मंत्री डॉ प्रेम कुमार भी मौजूद रहे. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारे देश में सनातन का जागरण हो रहा है. देश में अब तक का सबसे बड़ा कुंभ का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ. यह गर्व की बात है. जलभरी में काफी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही. जलभरी के बाद वैदिक मंत्रोच्चार से कलश की पूजन हुुआ. इस मौके पर कथावाचक श्री सुदर्शनाचार्य ने कहा कि यज्ञ से केवल वही लोग लाभान्वित नहीं होते जो इसमें शामिल होते हैं, बल्कि आसपास का वातावरण और जनमानस भी पवित्र होता है. उन्होंने इस यज्ञ में अधिक से अधिक लोगों के शामिल होने की अपील की. सोमवार से यज्ञ मंडप में हवन का कार्य शुरू होगा और प्रतिदिन दोपहर बाद श्रीमद्भागवत कथा होगी. संयोजक दीपचंद गुप्ता ने बताया कि पूज्य संत कंबल वाले बाबा का आगमन छह फरवरी को होगा और काफी दूर-दूर से लोग इसमें शामिल होने आ रहे हैं. कलश यात्रा में मगध विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुबोध कुमार, पप्पू चंद्रवंशी, डॉ राधा कृष्ण मिश्र, बृज बिहारी पांडेय, धनंजय कुमार, मुरारी चंद्रवंशी, नवीन निश्चल सहित सैंकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए.

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By Prabhat Khabar News Desk

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