शेरघाटी थाना क्षेत्र के नैनविगहा गांव में बकरी द्वारा फसल चरने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. इस मामले में एक महिला ने गांव के छह लोगों के खिलाफ घर में घुसकर जानलेवा हमला, मारपीट, गाली-गलौज, छिनतई और धमकी देने का आरोप लगाते हुए शेरघाटी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है.
पीड़िता तिजवा देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 26 जुलाई की दोपहर करीब एक बजे आरोपित लाठी-डंडा, लोहे की रॉड और टांगी से लैस होकर उनके घर में घुस आए. आरोप है कि सभी ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की. इसी दौरान एक आरोपित ने टांगी से उनके सिर पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं.
शिकायत के अनुसार, बीच-बचाव करने पहुंचे उनके पति के साथ भी लोहे की रॉड से मारपीट कर उनका सिर फोड़ दिया गया. वहीं पुत्रवधू किरण देवी के साथ भी मारपीट की गई और उसके कपड़े फाड़ दिये गये.
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उनके गले से करीब एक लाख रुपये मूल्य की सोने की सिकड़ी तथा एक महिला आरोपित द्वारा करीब 10 हजार रुपये मूल्य की चांदी की पायल छीन ली गयी. शोर सुनकर ग्रामीण जुटने लगे तो सभी आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गये. घायलों को पहले अनुमंडलीय अस्पताल, शेरघाटी में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया रेफर कर दिया गया. इलाज में व्यस्त रहने के कारण पीड़िता ने तीन दिन बाद थाने में आवेदन दिया. शेरघाटी थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि पीड़िता के आवेदन पर कांड संख्या 358/26 दर्ज कर लिया गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
