गया. नगर निगम की ओर से शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए कोशिश की जा रही है. शहर में जगह-जगह कचरा फेंकने पर जुर्माना लगाने के लिए पोस्टर चस्पा दिया गया है. इसके बाद भी लोगों में किसी तरह का सुधार नहीं देख रहा है. निगम की ओर से कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए अब तक लाखों रुपये खर्च किये जा चुके हैं. कुछ ही दिनों में अब यहां स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए टीम पहुंचने वाली है. इस दौरान भी निगम चाह रहा है कि स्थिति में सुधार लायी जाये. शहर में जिन जगहों पर निगम की ओर से कचरा फेंकने पर जुर्माना लगाने के लिए पोस्टर लगाया गया है वहां ही हर सुबह-से-शाम तक कचरा डाल रहे हैं. घरों के साथ यहां आसपास ठेला खोमचा, होटल आदि से देर रात कचरा डाल दिया जा रहा है. इधर नगर निगम की ओर से स्वच्छता में रैंकिंग बेहतर लाने के लिए काम किया जा रहा है. आधुनिक संसाधन से सफाई की तैयारी की जा रही है. इसके बाद भी लोगों में किसी तरह का बदलाव नहीं दिख रहा है. मेयर, डिप्टी मेयर, पार्षद व नगर आयुक्त तक लोगों से अपील कर चुके हैं. हर बार फाइन की घोषणा किये जाने के बाद भी किसी पर जुर्माना नहीं होने से लोग लापरवाह ही दिखते हैं.
नहीं बंद हो सकी पॉलीथिन की थैली
नगर निगम की ओर से समय-समय पर सिर्फ खानापूर्ति के लिए पॉलीथिन की थैली के खिलाफ कार्रवाई की जाती है. शहर में जगह-जगह छोटे-बड़े दुकानों पर देखा जाये, तो पॉलीथिन की थैली का उपयोग किया जा रहा है. निगम की ओर से इस पर लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया गया. इसके बाद भी इसे बंद करने की कामयाबी नहीं मिल सकी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
