साफ-सफाई के बाद महाबोधि मंदिर की भव्यता में आयी निखार
जल सफाई कार्य में जुटे थाइलैंड के तकनीशियनों को बीटीएमसी ने भेंट किया प्रमाणपत्र
By KALENDRA PRATAP SINGH | Updated at :
महाबोधि मंदिर में आयोजित अभिषेक प्रार्थना समारोह में लामा, भिक्षु व श्रद्धालु शामिल
जल सफाई कार्य में जुटे थाइलैंड के तकनीशियनों को बीटीएमसी ने भेंट किया प्रमाणपत्र
वरीय संवाददाता, बोधगया.
विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर की जल से साफ-सफाई के बाद गुरुवार को पवित्र बोधिवृक्ष के नीचे आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी अभिषेक प्रार्थना समारोह का आयोजन किया गया. यह कार्य के सफल समापन का प्रतीक था. बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (बीटीएमसी) की ओर से आयोजित समारोह सुबह में मंदिर परिसर के शांत और पवित्र वातावरण में शुरू हुआ. महाबोधि मंदिर के भिक्खु चालिंदा, मंदिर के केयर टेकर भिक्खु डॉ दीनानंद, बीटीएमसी की सचिव डॉ महाश्वेता महारथी, बीटीएमसी के सदस्य डॉ अरविंद सिंह, किरण लामा, अन्य भिक्षुओं और विभिन्न बौद्ध मठों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ श्रद्धालु भी इस अवसर पर उपस्थित रहे. समारोह का शुभारंभ औपचारिक दीप प्रज्वलन और डॉ महाश्वेता महारथी के स्वागत भाषण से हुआ. डॉ महारथी ने अपने भाषण में सफाई कार्य का नेतृत्वकर्ता थीरावत और थाईलैंड के स्वयंसेवी समूह चोबथम के उनके साथियों के अनुकरणीय समर्पण की गहरी सराहना की. उन्होंने कहा कि उनकी सेवा केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि आस्था का अर्पण, दान की जीवंत अभिव्यक्ति और उस स्थान पर की गयी सेवा है, जहां गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था. इसके बाद महायान पंथ के लामाओं और थेरावाद पंथ के भिक्षुओं ने परंपरा के अनुसार मंत्रोच्चार करके महाबोधि मंदिर की पवित्रता और संरक्षण के लिए प्रार्थना की. उल्लेखनीय है कि अत्यंत सावधानी और समर्पण के साथ पूर्ण किये गये जल सफाई कार्य ने मंदिर परिसर की प्राचीन सुंदरता और आध्यात्मिक आभा को काफी हद तक बहाल कर दिया है. समारोह में एकता, भक्ति और बोधगया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की साझा प्रतिबद्धता की झलक दिखी. इस कार्यक्रम का समापन सफाई कार्य में जुटे थाईलैंड के तकनीशियनों को प्रमाणपत्र भेंट कर व स्मृति चिह्न के प्रस्तुतीकरण के साथ हुआ, जिनमें महाबोधि मंदिर की लकड़ी की प्रतिकृति, फ्रेम किया हुआ बोधि पत्र और महाबोधि मंदिर के कुछ महत्वपूर्ण प्रकाशन शामिल थे.