Gaya Ji Road Protest (अरविंद कुमार) : गया जी जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के भेटौरा से बभनिया होते हुए गोनिया तक जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. सड़क निर्माण नहीं होने से आक्रोशित दर्जनों महिलाओं और ग्रामीणों ने करीब एक किलोमीटर तक सड़क पर धान की रोपनी कर दी.
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 35 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक किसी जनप्रतिनिधि या विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है. यह सड़क करीब एक दर्जन गांवों के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जहां बारिश में डेढ़ से दो फीट तक कीचड़ जमा हो जाता है.
सांसद-विधायक से गुहार बेअसर, उपेक्षा से भड़का जनाक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय सांसद और विधायक से कई बार गुहार लगाई गई है. चुनाव के समय जनप्रतिनिधियों द्वारा सड़क निर्माण कराने का आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद इस सड़क की सुध लेने कोई नहीं आता. लगातार मिल रही उपेक्षा से ग्रामीणों में काफी आक्रोश व्याप्त है.
सड़क की जगह खेत बनी स्थिति, कीचड़ में रोपे गए पौधे
शनिवार की सुबह से ही दर्जनों महिलाएं और ग्रामीण सड़क पर जुट गए. इसके बाद सड़क पर जमा कीचड़ में धान की रोपनी कर विरोध जताया. ग्रामीणों ने कहा कि जब सड़क की जगह खेत जैसी स्थिति बनी हुई है, तो इसी सड़क पर धान की खेती करना ही उचित है.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण की दिशा में पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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3 किलोमीटर सड़क बनने से हजारों को राहत, 30 किमी का चक्कर बचेगा
भेटौरा निवासी नवरंग पासवान ने बताया कि भेटौरा से बभनिया तक करीब तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण हो जाने से आसपास के ग्रामीणों को काफी सुविधा मिलेगी. इस सड़क के बनने से गांवों का प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा.
वर्तमान में सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को करीब 25 से 30 किलोमीटर की दूरी तय कर प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है.
मरीजों व बच्चों को परेशानी, आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि प्रखंड मुख्यालय, बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने का महत्वपूर्ण माध्यम है.
सड़क की बदहाली के कारण सबसे अधिक परेशानी मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को होती है. ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाए, वरना ग्रामीण सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
