मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी और कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम् ने शनिवार को गया कॉलेज, गया में अचानक औचक निरीक्षण किया. वीसी के इस औचक निरीक्षण से कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया.
निरीक्षण के दौरान गया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्रा विश्वविद्यालय प्रशासन को बिना कोई पूर्व सूचना दिए अनुपस्थित पाए गए. इसके बाद कुलपति ने कॉलेज के विभिन्न शैक्षणिक विभागों का जायजा लिया.
संस्कृत व बौद्ध अध्ययन विभाग में लटके मिले ताले
निरीक्षण के दौरान कॉलेज स्थित संस्कृत विभाग और बौद्ध अध्ययन विभाग में ताले लटके पाए गए. वहीं भूगोल, राजनीति विज्ञान सहित कई अन्य प्रमुख विभागों की कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति मात्र एक से दो प्रतिशत ही पाई गई.
गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व गया कॉलेज के संस्कृत विभाग में एक महिला और पुरुष शिक्षक के बीच हुए विवाद के बाद डॉ. शिवाजी पांडेय का स्थानांतरण कर दिया गया था. वर्तमान में केवल डॉ. संगीता आर्या ही संस्कृत विभाग में कार्यरत हैं. निरीक्षण के दौरान मिली इन अव्यवस्थाओं को लेकर कुलपति ने अनुपस्थित पाए गए प्राचार्य और संबंधित शिक्षकों से अविलंब स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगने का निर्देश दिया है.
अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी: कुलपति
कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी और कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम् ने कड़े शब्दों में कहा कि मगध विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति में आने वाली किसी भी बाधा को दूर किया जाएगा. विश्वविद्यालय प्रशासन शैक्षणिक व प्रशासनिक अनुशासन में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा.
कार्यक्रम के सिलसिले में मंत्री से मिलने गया था: प्राचार्य
इधर, इस पूरे मामले पर गया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्रा ने अपनी सफाई दी है. उन्होंने बताया कि 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आगामी 30 जुलाई को गया कॉलेज परिसर में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित होना है. इसी सिलसिले में वे मंत्री जी को आमंत्रित करने गए थे.
प्राचार्य ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष को प्रोफेसर इंचार्ज नियुक्त करते हुए अपना आवेदन सौंप दिया था, जिसमें आर्किटेक्चर से मिलने जाने का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया था.
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