तेतरिया में हरे पेड़ों की कटाई पर बवाल, जांच में जुटा प्रशासन

प्रखंड के तेतरिया गांव के समीप सोमवार को हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए प्रशासन को सूचना दी.

गुरुआ. प्रखंड के तेतरिया गांव के समीप सोमवार को हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद अंचलाधिकारी मो अतहर जमील मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. मौके पर पहुंचे सीओ ने कटे हुए पेड़ों का निरीक्षण किया और संबंधित लोगों से जानकारी ली. पेड़ों की स्थिति देख वे नाराज दिखे और स्पष्ट कहा कि बिना अनुमति हरे पेड़ों की कटाई गंभीर अपराध है. उन्होंने चेतावनी दी कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में आहर की सफाई का कार्य चल रहा है. इसी दौरान कुछ लोगों ने जेसीबी और अन्य साधनों से कई हरे-भरे पेड़ों को काट दिया. जब ग्रामीणों ने कटाई होते देखी तो तत्काल विरोध जताया. प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही कटाई में शामिल कुछ लोग मौके से इधर-उधर हो गये. सीओ अतहर जमील ने कहा कि मामले की पूरी जांच कर दोषियों की पहचान की जा रही है और नियमों के तहत कार्रवाई होगी . उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार की पेड़ कटाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले नसेर और विशुनपुर गांव के पास भी नहर किनारे लगे दर्जनों पेड़ों की कटाई हुई थी, जिसमें कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. उस कार्रवाई के बाद कटाई पर रोक लगी थी, लेकिन ताजा घटना ने फिर सवाल खड़े कर दिये हैं. सेर व विशुनपुर गांव के समीप भी नहर पर लगे दर्जनो हरे भरे वृक्षों की कटाई की थी, जिसमें कई लोगो पर प्राथमिकी दर्ज भी करायी गयी थी. उसके बाद से पेड़ की कटाई बंद हो गयी थी.

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Published by: Kanchan kr sinha

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