Bihar Crime: जीतन राम मांझी की नातिन की हत्या, बंद कमरे में इसने मारी गोली

Bihar Crime: बिहार के गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की नातिन की हत्या कर दी गई है. इस खबर से पूरे बिहार में सनसनीखेज मच गई है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

Bihar Crime: गया सांसद और बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की नातिन की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. मृतका सुषमा देवी की हत्या का आरोप उनके पति रमेश पर लगा है. सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपी पति को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है.

विकास मित्र के पद पर काम करती थी सुषमा

पुलिस ने बताया के यह घटना अतरी प्रखंड के टेटूआ गांव की है. सुषमा देवी विकास मित्र के पद पर अतरी ब्लॉक में कार्यरत थी. सुषमा का पति रमेश पटना में ट्रक ड्राइवर था. शुरूआती जांच से मिली जानकरी के मुताबिक हत्या दोपहर करीब 12 बजे की गई. रमेश ने घर में ही पत्नी को गोली मार दी और हथियार फेंककर भाग गया. इस घटना के बाद से गांव में इलाके में कोहराम मच गया.

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14 साल पहले अंतरजातीय शादी

सुषमा और रमेश ने 14 साल पहले अंतरजातीय शादी की थी. रमेश ने जब सुषमा को गोली मारी उस वक्त उसकी बहन और बच्चे घर पर दूसरे कमरे में थे. गोली चलने की आवाज सुनते ही सुषमा की बहन और बच्चे कमरे में गए तो देखा कि सुषमा कमरे में गिरी हुई है. इसके बाद कुछ स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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