गयाजी में नौ सूत्री मांगों को लेकर पंचायती राज पदाधिकारी दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर

नौ सूत्री मांगों को लेकर राज्यभर के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर हैं. सोमवार और मंगलवार को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. प्रमुख मांगों में राजपत्रित पदाधिकारी का दर्जा और वेतन विसंगति दूर करना शामिल है.

Gayaji News : बिहार पंचायत सेवा संघ के आह्वान पर प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी नौ सूत्री मांगों के समर्थन में दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर हैं. सोमवार और मंगलवार को राज्यभर के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी काली पट्टी बांधकर काम करते हुए सरकार के प्रति विरोध जता रहे हैं. इसी क्रम में खिजरसराय के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अमरदीप चौधरी भी मंगलवार को कार्यालय कक्ष में काली पट्टी बांधकर कार्य करते नजर आये.

14 और 15 सितंबर को सांकेतिक विरोध

प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अमरदीप चौधरी ने बताया कि संघ के आह्वान पर 14 और 15 सितंबर को काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से विभिन्न मांगों को सरकार के समक्ष रखा जा रहा है, लेकिन अब तक मांगों पर अपेक्षित सकारात्मक विचार नहीं किया गया है. इसी के विरोध में दो दिनों तक सांकेतिक हड़ताल का निर्णय लिया गया है.

उन्होंने कहा कि यदि सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो संघ आगे सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय ले सकता है. इससे पंचायत स्तर पर संचालित कार्यों पर भी असर पड़ने की संभावना है.

राजपत्रित पदाधिकारी का दर्जा देने की मांग

संघ की प्रमुख मांगों में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को राजपत्रित पदाधिकारी का दर्जा देना शामिल है. इसके साथ ही पंचायत समिति के कार्यों के लिए कार्यपालक पदाधिकारी की शक्ति प्रदान करने की मांग की जा रही है. संघ का कहना है कि पद की जिम्मेदारियों और कार्यों के अनुरूप अधिकार और सेवा सुविधाएं मिलनी चाहिए.

वेतन और सेवा विसंगति दूर करने पर जोर

पंचायती राज पदाधिकारियों ने वेतन एवं सेवा से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने की भी मांग उठायी है. इसके अलावा एडीपीआरओ के पदों पर तैनाती करने तथा सरकार के निर्णयों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग भी नौ सूत्री मांगों में शामिल है.

कार्यालय और कर्मी उपलब्ध कराने की मांग

संघ ने प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों के लिए अलग कार्यालय और आवश्यक कर्मी उपलब्ध कराने की मांग की है. इसके साथ ही प्रशासनिक एवं कार्यात्मक स्वतंत्रता देने तथा विभागीय कर्मियों पर पूर्ण एवं एकल प्रशासनिक नियंत्रण की मांग भी की गयी है.

पंचायती राज पदाधिकारियों का कहना है कि बेहतर तरीके से कार्य करने के लिए उन्हें आवश्यक संसाधन, अधिकार और प्रशासनिक स्वतंत्रता मिलना जरूरी है. संघ ने सरकार से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है.

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By अमिताभ रंजन

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