24 घंटे में सुचारू नहीं हुई जलापूर्ति, तो आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत होगी कार्रवाई

शहर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच जलापूर्ति व्यवस्था चरमराने की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है.

गया जी. शहर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच जलापूर्ति व्यवस्था चरमराने की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. पिछले चार दिनों से सिंगरा स्थान जलापूर्ति केंद्र से पानी की सही सप्लाइ न होने की शिकायतें मिल रही थीं. इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया और बुडको की टीम के साथ पुलिस लाइन स्थित सिंगरा स्थान जलापूर्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान पुलिस लाइन मुख्य सड़क के किनारे स्लुइस वाल्व बंद मिलने पर डीएम बुरी तरह भड़क गये. उन्होंने इस घोर लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए बुडको के कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही, लापरवाही बरतने के आरोप में दोनों अधिकारियों के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गयी है. डीएम ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अगले 24 घंटे के अंदर बंद पड़े स्लुइस वाल्व को ठीक कराकर जलापूर्ति बहाल की जाये. उन्होंने नगर आयुक्त को स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित 24 घंटे के भीतर जलापूर्ति सुचारू नहीं होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाये.

अंतिम छोर तक फुल प्रेशर से मिले पानी

डीएम ने जलापूर्ति केंद्र के निरीक्षण के दौरान पानी टंकी के ऊपरी तल पर जाकर जलस्तर की भी जांच की. उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि भीषण गर्मी को देखते हुए जलापूर्ति केंद्रों पर लगातार कर्मियों को तैनात कर निगरानी रखी जाये. यह सुनिश्चित किया जाये कि हर दिन सुबह-शाम पूरे प्रेशर के साथ अंतिम छोर के घरों तक पानी पहुंचे. पानी चालू और बंद करने का समय बिल्कुल तय होना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

8.24 मिलियन लीटर है टंकी की क्षमता

जिलाधिकारी ने बताया कि सिंगरा स्थान जलापूर्ति केंद्र में दो बड़े आकार की टंकियां हैं. इनमें एक की क्षमता चार मिलियन लीटर और दूसरे की 4.24 मिलियन लीटर पानी स्टोर करने की है. इन टंकियों को भरने में सात से आठ घंटे का समय लगता है, जबकि पानी डिस्चार्ज होने में महज 40 से 45 मिनट लगते हैं. इसी केंद्र से शहर के प्रमुख इलाकों जैसे एपी कॉलोनी, चंदौती, मुस्तफाबाद, मगध मेडिकल, चाणक्यपुरी कॉलोनी, पुलिस लाइन, गेवालबीघा और मुन्नी मस्जिद क्षेत्र के घरों में जलापूर्ति की जाती है. निरीक्षण के दौरान सहायक समाहर्ता, कार्यपालक अभियंता (बुडको), सहायक अभियंता (बुडको) और कार्यपालक अभियंता (नगर निगम) सहित कई अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे.

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By PRANJAL PANDEY

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