हाइवा ने महिला को रौंदा, आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर किया जानलेवा हमला

मोहनपुर-बाराचट्टी मुख्य सड़क पर सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया.

मोहनपुर. मोहनपुर-बाराचट्टी मुख्य सड़क पर बुधवार को नटहा गांव के पास एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया. तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से एक 26 वर्षीया महिला की मौके पर ही मौत हो गयी. इस घटना के बाद उपजा आक्रोश हिंसक संघर्ष में बदल गया, जिसमें उग्र ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया. इस झड़प में मोहनपुर थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गये. घटना के बाद करीब तीन घंटे तक यह इलाका रणक्षेत्र बना रहा और आवागमन पूरी तरह ठप रहा. जानकारी के अनुसार, जानीबिगहा निवासी ललन यादव अपनी पत्नी सावित्री देवी और छोटी बच्ची के साथ मोटरसाइकिल से ससुराल से घर लौट रहे थे. इसी दौरान नटहा गांव के पास विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया. संतुलन बिगड़ने से सावित्री देवी सड़क पर गिरीं और हाइवा का पहिया उन्हें कुचलता हुआ निकल गया. हादसे में ललन यादव और उनकी बच्ची भी घायल हुए हैं.

पुलिस पर टूटा भीड़ का कहर

हादसे की खबर मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गये और सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. स्थिति तब नियंत्रण से बाहर हो गयी जब सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष संजय कुमार और उनकी टीम पर भीड़ ने पथराव और लाठी-डंडों से हमला कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ ने थानाध्यक्ष को घेरकर बर्बरतापूर्वक पीटा, जिससे वे जमीन पर गिर पड़े. उन्हें बचाने आये दारोगा राज नारायण सिंह और अन्य जवानों को भी चोटें आई हैं. बाद में अतिरिक्त बल ने उन्हें सुरक्षित निकाला.

लोगों ने लगाया आरोप, प्रशासनिक मिलीभगत के कारण बालू माफिया अधिक ट्रिप लगाते हैं

सड़क हादसे के बाद ग्रामीणों का यह सीधा आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत के बिना इस मार्ग पर मौत का यह खेल नहीं खेला जा सकता. चंद रुपयों के लालच में बालू माफिया अधिक ट्रिप लगाते हैं. सड़क पर उड़ने वाली धूल से अंधापन छा जाता है, लेकिन संवेदक पानी का छिड़काव तक नहीं करते. यह सब स्थानीय थाने की नाक के नीचे होता है. लोगों ने कहा कि प्रशासन तब तक आंखें मूंदे रहता है जब तक किसी बेगुनाह का खून सड़क पर नहीं बह जाता. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बोधगया डीएसपी सौरभ कुमार जायसवाल भारी पुलिस बल, कोबरा कैंप के जवानों और कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे. काफी मशक्कत और समझाइश के बाद करीब तीन घंटे बाद जाम हटाया जा सका. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज भेज दिया है और घायलों का उपचार जारी है.

डीएसपी का सख्त रुख

बोधगया डीएसपी ने स्पष्ट कहा कि सड़क हादसा दुखद है, लेकिन कानून को हाथ में लेना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले दंगाइयों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सीसीटीवी फुटेज व साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. क्षेत्र में फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है.

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By PRANJAL PANDEY

PRANJAL PANDEY is a contributor at Prabhat Khabar.

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