गया जी. अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही मौसम ने अपने सबसे जानलेवा तेवर दिखाने शुरू कर दिये हैं. शहर में लगातार चल रही हीटवेव और 42 डिग्री के पार जा चुके तापमान ने जनजीवन को बुरी तरह झुलसा दिया है. इस भीषण गर्मी का सबसे बड़ा खामियाजा स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है. दोपहर की चिलचिलाती धूप में स्कूल से छुट्टी के बाद घंटों तक ट्रैफिक जाम में फंसी बसें बच्चों के लिए किसी भट्ठी से कम साबित नहीं हो रही हैं. शहर की चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था इस भीषण गर्मी में कोढ़ में खाज का काम कर रही है. दोपहर के वक्त जब आसमान से आग बरस रही होती है, तब स्कूल बसें जाम में रेंगती नजर आती हैं. बस के अंदर लू के थपेड़ों और उमस के बीच बच्चों का दम घुट रहा है, लेकिन इसे लेकर न तो प्रशासन ने ट्रैफिक रूट दुरुस्त करने की कोई पहल की है और न ही स्कूलों की टाइमिंग को लेकर कोई ठोस कदम उठाया गया है. मौसम के आंकड़ों पर गौर करें तो 19 अप्रैल से लगातार शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है. शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक 42.6 डिग्री और न्यूनतम 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहले गुरुवार को पारा 42.1 डिग्री और बुधवार को 42.2 डिग्री था. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी हीटवेव और इस भयंकर गर्मी से कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं. सड़कों पर सन्नाटा, देसी पेय पदार्थों का सहारा लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण दोपहर होते ही शहर की मुख्य सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसर जाता है. हालांकि, इन दिनों शादियों का लगन होने के कारण मजबूरी में लोगों को खरीदारी के लिए निकलना पड़ रहा है. लू से बचने के लिए लोग चेहरे को तौलिये या गमछे से ढक कर और छतरी लेकर ही बाहर कदम रख रहे हैं. गर्मी की मार से बचने के लिए लोग कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय देसी विकल्पों जैसे सत्तू, आमरस, आमझोरा, बेल का शर्बत और आइसक्रीम का जमकर सेवन कर रहे हैं.
हीटवेव का कहर : लगातार सातवें दिन 42 डिग्री के पार तापमान
अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही मौसम ने अपने सबसे जानलेवा तेवर दिखाने शुरू कर दिये हैं. शहर में लगातार चल रही हीटवेव और 42 डिग्री के पार जा चुके तापमान ने जनजीवन को बुरी तरह झुलसा दिया है.
