गया जी़ शहर की एपी कॉलोनी में बेलागंज विधायक के आवास के सामने स्थित मां शारदा डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक कुंदन प्रसाद श्रीवास्तव से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है. इस हाइ-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सुशील कुमार के निर्देश पर सिटी एसपी कोटा किरण कुमार की मॉनिटरिंग में एक विशेष टीम गठित की गयी थी. इस टीम ने लगातार नौ दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद अपराधियों को दबोचने में सफलता हासिल की.
सीडीआर ने खोला दूसरे मामले का राज
शुक्रवार को रामपुर थाने में आयोजित प्रेसवार्ता में सिटी एसपी कोटा किरण कुमार और थानाध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों की पहचान सुबोध कुमार मंडल, विकास कुमार मांझी (दोनों शेरघाटी थाने के निवासी) और संजीत कुमार भारती (इमामगंज थाना) के रूप में हुई है. पुलिस ने इनके पास से रंगदारी मांगने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद कर लिया है. जब पुलिस ने इस मोबाइल नंबर का सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) खंगाला, तो एक और बड़ा खुलासा हुआ. पता चला कि इसी नंबर से 13 अप्रैल को इमामगंज के जेवर व्यवसायी रविरंजन कुमार वर्मा से भी 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गयी थी.
रेकी कर एक साथ बिछाया गया जाल
जेवर व्यवसायी की शिकायत पर इमामगंज थाने में पहले से प्राथमिकी (कांड संख्या 114/26) दर्ज थी. इस कनेक्शन के मिलते ही विशेष टीम यह समझ गयी कि अपराधी शेरघाटी और इमामगंज इलाके के ही हैं. पुलिस अधिकारियों ने जल्दबाजी करने के बजाय पूरी सावधानी के साथ तीनों अपराधियों की गुपचुप रेकी करायी, ताकि कोई भाग न सके. सटीक प्लानिंग के बाद तीनों को एक के बाद एक गिरफ्तार कर लिया गया. सिटी एसपी ने बताया कि फिलहाल इन तीनों को डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक से रंगदारी मांगने के मामले (रामपुर थाना कांड संख्या 221/26) में जेल भेजा जा रहा है. इसके तुरंत बाद, इमामगंज के जेवर व्यवसायी से 20 लाख रुपये मांगने के मामले में इमामगंज पुलिस इन्हें रिमांड पर लेगी, ताकि आगे की पूछताछ की जा सके.
