तरमा के सचिन की संदिग्ध हालात में पुणे में हुई मौत

25 जून को वहां पहुंचने पर नट वोल्ट बनाने वाली फैक्ट्री में काम शुरू कर दिया था. जबकि, पहली बार पुणे कमाने गये राहुल को भी दूसरी फैक्ट्री में काम लगा दिया था

वजीरगंज. प्रखंड के तरमा पंचायत स्थित टीपौ निवासी कृष्णा राजवंशी के इकलौते पुत्र सचिन की मौत संदिग्ध हालात में महाराष्ट्र के पुणे में हो गयी, जिसका शव गत दिन गांव पहुंचा. जिसका दाह संस्कार भी कर दिया गया. पिता कृष्णा राजवंशी ने बताया कि 27 वर्षीय सचिन गांव के ही राहुल को अपने साथ लेकर पुणे गये थे. 22 जून को पुणे गया था. 25 जून को वहां पहुंचने पर नट वोल्ट बनाने वाली फैक्ट्री में काम शुरू कर दिया था. जबकि, पहली बार पुणे कमाने गये राहुल को भी दूसरी फैक्ट्री में काम लगा दिया था. साथ में लौटे राहुल ने परिजनों को बताया कि सात जुलाई को अपने फैक्ट्री से वेतन उठाया था. उसी रात कोई फोन आने के बाद सचिन ने राहुल को बाजार से आने की बात कहकर अपने कमरे से बाहर चला गया. लेकिन, रात भर नहीं आने पर राहुल खोजबीन करने लगा. राहुल पहली बार कमाने के पुणे गया था. उसने बताया कि काफी खोजबीन पता चला कि सचिन एक अस्पताल में भर्ती है. सचिन को उस समय एक्सीडेंट से घायल होने की जानकारी चिकित्सक द्वारा दिया गया. इलाज के लिए चिकित्सक ने 40000 रुपये की मांग की, जिसकी जानकारी राहुल ने सचिन के परिजनों को दी. किसी तरह व्यवस्था करके राहुल के पास सचिन के पिता ने रुपये भेजे. आठ जुलाई को रुपया भेजने के बाद फिर से अस्पताल प्रबंधक ने 42000 रुपये की मांग की. जिसे भेजे जाने पर राहुल ने बताया कि सचिन को सही इलाज नहीं होने के कारण अब तक होश नहीं आ रहा है. परेशान परिवार गांव के ही एक दूसरे लड़के को इस मामले की जानकारी देते हुए देखने को कहा. उस युवक ने सचिन को सरकारी अस्पताल में ले जाकर इलाज के लिए भर्ती करवाया. वहां चिकित्सक ने बताया कि सचिन पीट-पीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया है. सरकारी अस्पताल में इलाज के बाद 12 जुलाई को कुछ समय के लिए होश आते ही, सचिन बोला भाग भाग पेशाब करने दो. उसके बाद हमेशा के लिए गुम हो गया. चिकित्सक द्वारा मृत घोषित किये जाने के बाद सचिन का शव गांव लाने के लिए एंबुलेंस चालक ने 60 हजार रुपया मांगा. परिजन गांव में चंदा करके सचिन के शव लाने के लिए जब 60000 रुपया भेजे. सचिन की मौत एक्सीडेंट से हुआ या पीट-पीट कर हत्या कर दिया गया. यह पहली बना हुआ है. सचिन के घर के आगे आज भी सन्नाटा पसरा है. रिश्तेदार घटना की जानकारी लेकर मर्माहत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >