गया जी : 'जेन जी राइजिंग' के छात्र-युवा संसद का पोस्टर जारी, 29 अगस्त को गांधी मैदान में होगा कार्यक्रम

गया में 29 अगस्त को 'जेन जी राइजिंग बिहार चैप्टर' के तहत छात्र-युवा संसद का आयोजन होगा, जिसका पोस्टर जारी कर दिया गया है. इस आयोजन में जहानाबाद, अरवल व औरंगाबाद से भी छात्र-युवा भाग लेंगे. कार्यक्रम शिक्षा व्यवस्था की जर्जर स्थिति और युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार की उपेक्षा पर सवाल उठाएगा.

जेन जी राइजिंग बिहार चैप्टर के तहत 29 अगस्त को गया जी के गांधी मैदान स्थित गांधी मंडप में छात्र युवा संसद का आयोजन किया गया है. इसके लिए बुधवार को पोस्टर जारी किया. कार्यक्रम में जहानाबाद, अरवल व औरंगाबाद से भी सैंकड़ों छात्र युवाओं की भागीदारी रहेगी.

गया कॉलेज खेल परिसर में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन और इंकलाबी नौजवान सभा के नेताओं ने पोस्टर जारी करते हुए कहा कि बिहार के हर विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान से सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सरकार शिक्षा और युवाओं के भविष्य को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है.

नेताओं ने सरकारी स्कूलों की जर्जर स्थिति का किया जिक्र

उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में पर्याप्त कक्षाएं, कंप्यूटर और प्रयोगशालाएं तक उपलब्ध नहीं हैं. मिड-डे मील में गड़बड़ी, स्कूलों के बंद होने और शिक्षकों की कमी से लेकर बुनियादी सुविधाओं के अभाव तक, बिहार की शिक्षा व्यवस्था गहरे संकट में है. पिछले कई महीनों से देशभर में शिक्षा और रोजगार के सवालों पर व्यापक आंदोलन चल रहा है. जंतर-मंतर के आंदोलन से लेकर बिहार के गांवों और जिलों तक छात्रों और युवाओं की आवाज पहुंच रही है.

उन्होंने कहा कि केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरेगी, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही तय करनी होगी. सेशन में देरी, समय पर डिग्री नहीं मिलना, फीस वृद्धि, परीक्षाओं में गड़बड़ी और घूसखोरी जैसे सवालों के साथ-साथ सरकारी स्कूलों की बदहाली भी गंभीर मुद्दा है.

कहा कि स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक बिहार की पूरी व्यवस्था को सरकार ने बदहाल कर दिया है. परीक्षाएं समय पर नहीं हो रही हैं और रोजगार के सवाल को लगातार निजी कंपनियों के हवाले किया जा रहा है. सरकार स्कूल और कॉलेज खोलने के नाम पर केवल इमारतों को भगवा रंग में रंगने में लगी है, जबकि लाइब्रेरी, प्रयोगशालाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं. रोजगार की स्थिति इतनी खराब है कि बिहार के युवा बड़े पैमाने पर पलायन करने को मजबूर हैं. चार कमरों में डिग्री कॉलेज चलाना बिहार के युवाओं के भविष्य के साथ मजाक है.

कार्यक्रम में इंकलाबी नौजवान सभा राज्य उपाध्यक्ष तारिक अनवर, आइसा राज्य अध्यक्ष धनंजय, आइसा नेता मो शेरजहां, चित्तरंजन कुमार, तारिक अनवर, मुकेश कुमार सहित कई छात्र मौजूद थे.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By नीरज कुमार

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >