ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर सभी के लिए निःशुल्क उपलब्ध : डॉ जयनाथ यादव

ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर सभी के लिए निःशुल्क उपलब्ध : डॉ जयनाथ यादव

सीयूएसबी के कंप्यूटर विज्ञान विभाग ने सॉफ्टवेयर स्वतंत्रता दिवस मनायावरीय संवाददाता, बोधगया. ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर के उपयोग के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उसे बढ़ावा देने के उद्देश्य से दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कंप्यूटर साइंस विभाग ने सॉफ्टवेयर स्वतंत्रता दिवस मनाया. सीयूएसबी के कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण और कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो प्रभात रंजन के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों के व्याख्यान और छात्रों के लिए सॉफ्टवेयर से जुड़ी गतिविधियां शामिल रहीं. पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि इस कार्यक्रम में विभाग के शोधकर्ताओं और छात्रों के साथ-साथ संकाय सदस्यों ने भाग लिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ जयनाथ यादव (एसोसिएट प्रोफेसर, सीएस) ने कंप्यूटर अनुप्रयोगों में ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर के लाभों पर चर्चा करते हुए बताया कि ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर ऐसे सॉफ्टवेयर को संदर्भित करता है, जिसका सोर्स कोड सभी के लिए निःशुल्क उपलब्ध हो. इसे बिना किसी लागत के संशोधित, सुधार और उपयोग किया जा सकता है. वैश्विक स्तर पर, ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर के बारे में जन जागरूकता पैदा करने के लिए हर साल सितंबर के तीसरे सप्ताह में सॉफ्टवेयर स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. डॉ नेमी चंद्र राठौर (एसोसिएट प्रोफेसर, सीएस) ने ओपन-सोर्स समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों, विशेष रूप से जागरूकता की कमी और अपर्याप्त विज्ञापन पर प्रकाश डाला.

विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन

डॉ पीयूष कुमार सिंह (असिस्टेंट प्रोफेसर, सीएस) ने लेटेक्स जैसे ओपन-सोर्स टूल्स के महत्व को समझाया और कहा कि बहुत से लोग बिना जाने ही रोजाना ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं. डॉ मृत्युंजय कुमार (असिस्टेंट प्रोफेसर, सीएस) सिंह ने ओपन-सोर्स उपयोग की संस्कृति विकसित करने और इसे सभी संस्थानों में बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया. डॉ प्रकाश कुमार (असिस्टेंट प्रोफेसर, सीएस) ने ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर के लाभों को दोहराया और इसे अपनाने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के महत्व पर बल दिया. इस अवसर पर फॉसवर्ड, कोडिंग प्रतियोगिता, कोड हंट, रिसिंग पेंगुइन और पोस्टर प्रस्तुतियों जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये. फॉसवर्ड कार्यक्रम में लगभग 50 छात्रों ने भाग लिया. एक कड़े मुकाबले और टाई-ब्रेकर राउंड के बाद, आकांक्षा कुमारी (एमएससी एआइ, प्रथम सेमेस्टर) ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि जॉनसन एक्का (एमएससी एआइ, प्रथम सेमेस्टर) को उपविजेता घोषित किया गया. कोडिंग प्रतियोगिता में प्रवंगशु साहा को विजेता घोषित किया गया, जबकि मोहम्मद साजिद अशरफ ने उपविजेता स्थान हासिल किया. सी-कोड हंट में, अभिषेक कुमार, जीबाश साहू और सुशांत कुमार सिंह की टीम सेवन को विजेता घोषित किया गया, जबकि प्रवंगशु साहा, स्वेता कुमारी और अरण्य कुमार की टीम थ्री ने उपविजेता स्थान हासिल किया.

पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता में 30 विद्यार्थियाें ने लिया भाग

पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता में विभिन्न पाठ्यक्रमों के 30 विद्यार्थियों ने भाग लिया. करिश्मा कुमारी, रितिका कुमारी, निशा कुमारी और सलोनी मेहता के समूह ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि आदर्श कुमार और विवेक कुमार की टीम को उपविजेता घोषित किया गया. इस अवसर पर ओपन-सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम की शक्ति और लचीलेपन पर केंद्रित रिसिंग पेंगुइन नामक एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र शिवम कुमार और आदित्य कुमार ने प्रस्तुतियां दीं.

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Published by: Kalendra pratap singh

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