गया जी शहर के विभिन्न घरों में पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ 'करम पूजा' का त्योहार मनाया गया. इस पावन अवसर पर बहनों ने अपने भाइयों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और उनकी सुख-समृद्धि की कामना को लेकर पूरे विधि-विधान के साथ करम देवता की पूजा-अर्चना की. पर्व को लेकर व्रती बहनों ने पूरे दिन उपवास रखकर कठोर व्रत का पालन किया.
पौराणिक एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बहनों ने करम पूजा के दौरान गौरी-गणेश के साथ-साथ 'झूर' की भी पूरी श्रद्धा के साथ पूजा की. आगामी 23 सितंबर को सुबह स्नान-पूजन के बाद मिष्ठान, फल और अन्य पारंपरिक पकवानों का पारण कर व्रती बहनें अपना उपवास तोड़ेंगी.
बासी खाने की है पारंपरिक मान्यता
पौराणिक मान्यताओं और परंपरा के तहत व्रती घरों में मंगलवार को ही विशेष रूप से भोजन पकाया गया, जिसे 'बासी' के रूप में अगले दिन यानी बुधवार को ग्रहण किया जाएगा. इधर, करम पूजा के इस पावन पर्व को लेकर शहर की महिलाओं और उनके परिजनों में विशेष उत्साह देखा गया.
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पर्व को लेकर बाजारों में पूजन सामग्री, फल, मिठाई और विशेष रूप से 'झूर' की खरीदारी करने के लिए लोगों की अच्छी खासी भीड़ उमड़ी रही.
