Gaya ji News : शेरघाटी उपकारा शेरघाटी में बंदियों के पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सोमवार से 30 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई. इस पहल के तहत 35 पुरुष बंदियों को सिलाई-कढ़ाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि रिहाई के बाद वे स्वरोजगार अपनाकर सम्मानजनक जीवन जी सकें.
दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन कारा अधीक्षक सतीश कुमार सिंह, सिद्धार्थ कंपैशन ट्रस्ट के अध्यक्ष विवेक कल्याण, उपाधीक्षक अखिलेश कुमार सिंह, सहायक अधीक्षक सुनील कुमार यादव, कारा चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रघुनंदन कुमार, शिल्पी कुमारी और पवन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
आत्मनिर्भर बनने का मिलेगा अवसर
कारा अधीक्षक सतीश कुमार सिंह ने कहा कि आधुनिक जेल व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बंदियों के व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाना भी है. उन्होंने कहा कि रोजगारपरक प्रशिक्षण से बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा.
ट्रस्ट ने उपलब्ध कराईं सिलाई मशीनें
सिद्धार्थ कंपैशन ट्रस्ट के अध्यक्ष विवेक कल्याण ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए संस्था की ओर से सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट समाज के वंचित वर्ग को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है और इसी उद्देश्य से बंदियों को भी इस योजना से जोड़ा गया है.
रिहाई के बाद स्वरोजगार के लिए किया जाएगा प्रेरित
उपाधीक्षक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान बंदियों को सिलाई की बुनियादी तकनीकों के साथ विभिन्न प्रकार के परिधानों की सिलाई का व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें स्वरोजगार अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा. कार्यक्रम से जुड़े बंदियों ने इसे अपने जीवन की नई शुरुआत का अवसर बताते हुए पूरी लगन से प्रशिक्षण लेने की बात कही.
