बिहार विधानसभा में गूंजा शेरघाटी की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा, ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग

शेरघाटी विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बिहार विधानसभा में हंगामा हुआ. स्थानीय विधायक ने अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और ट्रॉमा सेंटर के अधूरे संचालन पर चिंता जताई. जानिए कब मिलेगा बेहतर इलाज.

शेरघाटी: शेरघाटी विधानसभा क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा बुधवार को बिहार विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया गया. स्थानीय विधायक ने अनुमंडलीय अस्पताल शेरघाटी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) आमस और डोभी की स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया.

विधायक ने कहा कि क्षेत्र में महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड तकनीशियनों की भारी कमी है. इसके कारण आम लोगों, विशेषकर गरीब और ग्रामीण परिवारों को इलाज के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने डोभी पीएचसी के द्वितलीय भवन पर अवैध कब्जे की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की.

एनएच-02 पर स्थित ट्रॉमा सेंटर को पूरी तरह संचालित करने की मांग

विधानसभा में विधायक ने दिल्ली-कोलकाता एनएच-02 पर स्थित शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि ट्रॉमा सेंटर केवल नाम मात्र का रह गया है. विशेषज्ञ चिकित्सकों और आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण यह लंबे समय से प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो पा रहा है.

उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है. कई मामलों में समय पर उपचार नहीं मिलने से मरीजों की जान तक चली जाती है. ऐसी स्थिति में ट्रॉमा सेंटर को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाना बेहद जरूरी है.

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का किया आग्रह

विधायक ने सरकार से ट्रॉमा सेंटर में अविलंब विशेषज्ञ चिकित्सकों और आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति करने की मांग की. साथ ही शेरघाटी अनुमंडल के सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों, तकनीशियनों और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि शेरघाटी विधानसभा क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. क्षेत्र के लोगों के अधिकारों और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.

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By Prabhat khabar news desk

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