गया. हत्या के प्रयास के एक मामले में अदालत ने शनिवार को एक दोषी को सात साल की सजा सुनायी. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एकादश प्रतिज्ञा व्यास की अदालत ने दोषी जागो साव को सात साल की सजा सुनायी. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजीव नारायण ने अपना पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि इस मामले की सूचक सोना देवी ने प्राथमिकी दर्ज करवायी थी. अपनी प्राथमिकी में उन्होंने कहा था कि छह मार्च 2008 को रात्रि में जब वह सो रही थीं, तो छत फांद कर जागो साव अपने कुछ अन्य साथियों के साथ आंगन में कूद गया और लाठी और ड॔ंडे से मार कर सिर फोड़ दिया. जिस समय यह घटना हुई उसे समय सूचक का पति खलिहान में सोया था. अदालत ने इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद धारा 307 के तहत सात वर्ष की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 452 के तहत पांच साल की सजा व तीन हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 323 के तहत छह माह की सजा वह पांच सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनायी. यह सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल तीन गवाहों की गवाही हुई. यह मामला फतेहपुर थाना कांड संख्या 19/2008 से संबंधित है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
