सीयूएसबी में श्रेष्ठ छात्र जीवन विषय पर फ्रांसिसी मोटिवेशनल वक्ता डॉ मिशेल सिमोन का हुआ व्याख्यान
वरीय संवाददाता, गया जी.
विद्यार्थियों को संतुलित, मूल्य-आधारित तथा उद्देश्यपूर्ण शैक्षणिक जीवन जीने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से सीयूएसबी के मनोवैज्ञानिक विज्ञान विभाग की ओर से डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सहयोग से श्रेष्ठ छात्र जीवन विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया. कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्रह्माकुमारी संस्थान से संबद्ध डॉ मिशेल सिमोन तथा संस्थान की वरिष्ठ प्रतिनिधि दीदी प्रतिमा शामिल हुए. मुख्य वक्तव्य में डॉ मिशेल सिमोन ने आत्म जागरूकता, सकारात्मक चिंतन, भावनात्मक संतुलन व आध्यात्मिक मूल्यों के समन्वय के माध्यम से श्रेष्ठ छात्र जीवन जीने के महत्वपूर्ण आयामों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किये. फ्रांस से संबंधित अंतरराष्ट्रीय मोटिवेशनल वक्ता डॉ सिमोन ने अच्छा इंसान बनने की चार कसौटियां बतायीं, जो स्व नियंत्रण, हमारा लक्ष्य, आत्म पोषण और स्वास्थ्य हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी घटना घटित होती है, तो पहले 10 सेकेंड आत्म विश्लेषण करें, तब कोई प्रतिक्रिया दें. कम-से-कम 10 बार चिंतन करें, फिर कर्म में आएं. हमेशा लक्ष्य अच्छा इंसान बनने का होना चाहिए. तीसरी अहम बात यह है कि बुद्धि को पोषण दें. इसके लिए रोजा सुबह मेडिटेशन (योग) करें. रोज सुबह थोड़ी देर अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करें. अच्छे स्वास्थ्य के लिए हर दिन सुबह 45 मिनट और शाम में आधा घंटा सैर करें. आपका स्वास्थ्य अच्छा रहने से ही विचार अच्छे होंगे और अनुभव भी अच्छा होगा.स्वस्थ शरीर सर्वोपरि – कुलपति
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि जीवन में कामयाबी हासिल करने के लिए कई घटक शामिल हैं, जिसमें स्वस्थ शरीर सर्वोपरि है. उन्होंने कहा कि हम सबको विशेषकर छात्रों को जीवन में सफलता हासिल करने के लिए पढ़ने-लिखने और कठिन परिश्रम के साथ फिटनेस पर भी ध्यान देना चाहिए. इससे पहले सम्मान स्वरूप कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह ने डॉ मिशेल सिमोन को तथा प्रो पवन कुमार मिश्रा ने दीदी प्रतिमा को सम्मानित किया. मानव विज्ञान संकाय के प्रमुख एवं अधिष्ठाता डॉ मंगलेश कुमार मंगलम ने कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह को सम्मानित किया.अतिथियों को किया सम्मानित
मनोवैज्ञानिक विज्ञान विभाग की डॉ दास अंबिका भारती ने प्रो पवन कुमार मिश्रा तथा डॉ अंकिता कुमारी ने डॉ मंगलेश कुमार मंगलम को सम्मानित किया. पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ के पश्चात स्वागत एवं परिचयात्मक संबोधन में प्रो पवन कुमार मिश्रा ने छात्र जीवन में समग्र विकास की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए मानसिक स्वास्थ्य, अनुशासन तथा नैतिक मूल्यों के संवर्धन में ऐसे कार्यक्रमों की भूमिका को रेखांकित किया. इस कार्यक्रम का समापन डॉ मंगलेश कुमार मंगलम द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी आयोजकों एवं वक्ताओं के सहयोग की सराहना की. राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम औपचारिक रूप से संपन्न हुआ.