टिकारी. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अमरपुर गांव में विष्णु महायज्ञ श्रीराम कथा के पांचवें दिन काफी संख्या में दूर-दराज के विभिन्न गांवों से पधारे हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान राम कथा का आनंद लिया. शनिवार की शाम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राघवेंद्र सरकार की कथा में अयोध्या से पधारे कथावाचक डॉ राम सजीवन शास्त्री जी महाराज के मुखारविंद से भगवान श्रीराम द्वारा तड़कावध, ऋषि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा, माता अहिल्या का उद्धार, गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर की ओर प्रस्थान आदि प्रसंग सुनाया गया है. भगवान श्रीराम ने युवा अवस्था में राजमहल के सुखों का त्यागकर वनों में रहकर गुरु विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा की. उन्होंने कहा कि आज भी यज्ञ में विघ्न उत्पन्न करनेवाली शक्तियां मौजूद हैं. सभी सनातन धर्मावलंबियों को धार्मिक अनुष्ठान में सहयोग करना चाहिए. कथा के साथ भक्तों को बाल कलाकारों द्वारा झांकियां प्रस्तुत की गयी. झांकी देखकर लोग काफी खुश दिख रहे थे. मानो उन्हें यह एहसास हो रहा था. यज्ञ सनातन धर्म को शक्ति प्रदान करता है एवं हमारे आसपास के वातावरण को शुद्ध करता है. यज्ञ समिति के मुख्य आयोजन कर्ता राजू शर्मा, डॉ. सुरेंद्र कुमार, सत्येंद्र मिश्रा, चितरंजन शर्मा, सुधांशु कुमार, राजेश कुमार, पंकज, किशोर सहित आयोजन समिति से जुड़े कई सदस्य एवं ग्रामीण व्यवस्था में तत्पर दिखे.
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