पुल निर्माण की मांग को लेकर सड़क जाम

जमड़ी गांव के युवक की नदी में डूबने से मौत के बाद लोगों का फूटा गुस्सा

जमड़ी गांव के युवक की नदी में डूबने से मौत के बाद लोगों का फूटा गुस्सा

मृतक के परिजन को मुआवजे और अस्थायी पुल बनाने के आश्वासन के बाद हटा जाम

4:30 घंटे गया-चेरकी रोड में बंद रहा अवागमन

वरीय संवाददाता, बोधगया.

नदी पार करने के लिए रखे बोटा से फिसल कर शनिवार की शाम नदी में गिरने के बाद डूबने से जमड़ी गांव के अखिलेश कुमार की मौत के बाद रविवार की सुबह परिजनों के साथ मिलकर ग्रामीणों ने गया-चेरकी रोड को जाम कर दिया. परिजनों ने युवक की मौत पर मुआवजे की मांग की, जबकि गांव वालों का कहना था कि इस नदी पर पुल बनाने को लेकर शिलान्यास कर दिया गया है, लेकिन पुल का निर्माण नहीं किया जा रहा है. नदी पार करने के दौरान पहले भी दो लोगों की मौत हो चुकी है और आगे भी ऐसी घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है. लेकिन, शिलान्यास के बाद भी पुल का निर्माण नहीं किया जा रहा है. ग्रामीणों ने गया-चेरकी रोड को सुबह सात बजे मृतक अखिलेश दास के शव के साथ जाम कर दिया. गया-पटना फोर लाइन फ्लाइओवर के नीचे सड़क जाम कर दिये जाने से गया से चेरकी व शेरघाटी की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गयी. लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया कि बाराचट्टी की विधायक ने पुल निर्माण को लेकर शिलान्यास किया, लेकिन अब तक पुल का निर्माण नहीं किया जा सका है. इससे करीब 25 गांवों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसकी सूचना पर पहुंची चेरकी थानाध्यक्ष ट्विंकल सिंह और उसके बाद बोधगया के सीओ महेश कुमार व बीडीओ ने ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया. हालांकि, मृतक के परिजन के नाम तत्काल रूप से पारिवारिक लाभ योजना के तहत चेक दिया गया और आपदा प्रबंधन के तहत अन्य लाभ का आश्वासन दिया गया. लेकिन, ग्रामीण पुल निर्माण की मांग पर अड़े रहे और लगभग 11:30 बजे गया सदर एसडीओ ने फोन पर ही आश्वासन दिया कि सोमवार से उस नदी को पार करने के लिए अस्थायी रूप से पुल का निर्माण किया जायेगा और शिलान्यास वाले पुल के काम की गति को भी आगे बढ़ाया जायेगा. इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटाया और अखिलेश दास के शव को पुलिस पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

पिछले साल हुई थी शादी

बता दें कि अखिलेश दास की शादी पिछले वर्ष ही हुई थी और वह जमड़ी गांव से हर दिन गया में काम करने जाता था. शनिवार की शाम को भी वह गया से काम कर लौट रहा था और नदी पार करने के लिए रखे लकड़ी के बोटा से पांव फिसल कर नीचे गिर जाने से वह नदी में डूब गया. वह तैरना नहीं जानता था, जिसके कारण उसकी मौत हो गयी .

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Published by: Kalendra pratap singh

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