गया जी : 19 साल पुराने रामलखन महतो हत्याकांड में 8 आरोपी बरी, शेरघाटी कोर्ट ने सुनाया फैसला

शेरघाटी की अदालत ने करीब 19 वर्ष पुराने चर्चित रामलखन महतो हत्याकांड में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर आठ आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है. वर्ष 2007 में भूमि विवाद के दौरान रामलखन महतो की हत्या कर दी गई थी, जिसमें लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया है.

करीब 19 वर्ष पुराने चर्चित रामलखन महतो हत्याकांड में शेरघाटी की अदालत ने आठ और आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है. एडीजे-1 लवकुश कुमार की अदालत ने सुनवाई के दौरान पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर सभी आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया.

मंगलवार को अपर लोक अभियोजक अब्दुल समी ने बताया कि वर्ष 2007 में भूमि विवाद के दौरान शहर के शेखपुरा मुहल्ला के पास रामलखन महतो की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में मुकदमा चलाया गया था.

अभियोजन पक्ष साक्ष्य साबित करने में रहा असमर्थ

हालांकि लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका. अदालत से राहत पाने वालों में आकाश महतो, राजेंद्र महतो, रविंद्र महतो और रामवृक्ष महतो सहित आठ अभियुक्त शामिल हैं.

इससे पहले इसी मामले में चार अन्य आरोपितों को भी साक्ष्य के अभाव में बरी किया जा चुका है. वहीं, शेरघाटी नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष लीलावती देवी के पुत्र विनय प्रसाद को भी पूर्व में अदालत से राहत मिल चुकी है.

अधिकांश आरोपी हो चुके हैं दोषमुक्त

ताजा फैसले के बाद इस बहुचर्चित हत्याकांड में नामजद अधिकांश आरोपी न्यायालय से दोषमुक्त हो चुके हैं. इस मामले में अदालत की सुचारू कार्रवाई और साक्ष्यों के अभाव के चलते आरोपियों को बरी किया गया है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >