Gaya Ji News: गया जी में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), गया में बुधवार को 'पीएम श्री' (PM SHRI) विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं नोडल शिक्षकों के लिए एक दिवसीय डिस्ट्रिक्ट होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (DHPC) उन्मुखीकरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई मूल्यांकन प्रणाली, समग्र प्रगति कार्ड की अवधारणा तथा विद्यालयों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शिक्षकों को प्रशिक्षित करना था.
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा) नित्यम गौरव तथा डायट के व्याख्याताओं बरुण कुमार, ऋषि राज, संजीत कुमार एवं पूनम कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
NEP-2020 के अनुरूप समग्र मूल्यांकन पर जोर
प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों और व्याख्याताओं ने डीएचपीसी (DHPC) के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित किया:
- सतत एवं समग्र मूल्यांकन: डीपीओ नित्यम गौरव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के आलोक में बच्चों के सतत और सर्वांगीण मूल्यांकन की आवश्यकता पर बल दिया.
- अभिभावकों की सहभागिता: नोडल व्याख्याता बरुण कुमार ने प्रगति कार्ड की संरचना, सीखने के परिणामों (Learning Outcomes) के सटीक आकलन और मूल्यांकन में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी के महत्व को समझाया.
प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समूह चर्चा (Group Discussion), प्रश्नोत्तर सत्र और व्यावहारिक गतिविधियां आयोजित की गईं, ताकि शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में इसे आसानी से लागू कर सकें.
वरिष्ठ शिक्षाविद रहे उपस्थित
समापन सत्र में प्रतिभागियों के सुझावों पर चर्चा की गई और उन्हें स्कूलों में इस प्रणाली को पूरी निष्ठा से लागू करने के लिए प्रेरित किया गया. इस अवसर पर एडीईओ (ADEO) रंजन, डायट व्याख्याता गणेश शंकर विद्यार्थी, चंद्रशेखर कुमार सहित जिले के कई शिक्षक और शिक्षाविद उपस्थित रहे.
