Gaya Ji News : गया जी के परैया प्रखंड के मंगरावा और पुनाकला पंचायत अंतर्गत आने वाले कस्सथुआ और बैगोमन मौजा के किसानों पर इन दिनों दोहरी मार पड़ रही है. पर्याप्त सिंचाई सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन परती पड़ी हुई है, जिस पर इस मौसम में उगी काश के कारण पूरा इलाका सफेद चादर से ढका हुआ नजर आ रहा है.
पानी की कमी से धान रोपाई प्रभावित, खेतों में उगी काश
स्थानीय किसानों का कहना है कि पर्याप्त पानी न मिलने के कारण खेती करना घाटे का सौदा साबित हो रहा है. कुछ किसानों ने कड़ी मेहनत और निजी संसाधनों के बल पर धान की रोपाई तो की है, लेकिन अधिकांश हिस्सा खाली पड़ा हुआ है. परती पड़ी जमीनों पर तेजी से काश उग आई है, जिससे हरी-भरी दिखने वाली फसल की जगह चारों ओर सफेद फूल लहराते दिख रहे हैं.
जमीनें बेचने को मजबूर किसान, भू-माफिया सक्रिय
खेतों से उपज न होने और सिंचाई की कोई स्थायी व्यवस्था न मिलने से हताश होकर कई किसान अपनी आजीविका चलाने के लिए जमीनों को बेचने के लिए मजबूर हैं. किसानों की इस लाचारी का फायदा उठाने के लिए क्षेत्र में भू-माफिया और जमीन दलालों की सक्रियता काफी बढ़ गई है. प्रभावित इलाकों में आए दिन दलालों का जमावड़ा लगा रहता है, जो औने-पौने दामों में किसानों से जमीनें हथियाने की फिराक में हैं.
प्रशासन और कृषि विभाग से सिंचाई व्यवस्था की गुहार
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन तथा कृषि विभाग से जल्द से जल्द सिंचाई की उचित व्यवस्था कराने की गुहार लगाई है, ताकि कृषि योग्य भूमि को बिकने से बचाया जा सके और किसान पुनः अपनी परंपरागत खेती की ओर लौट सकें.
खेती योग्य भूमि को बचाने के लिए किसानों की अपील
क्षेत्र के प्रभावित किसान अपनी उपजाऊ जमीन को बचाने और आजीविका सुरक्षित करने के लिए सरकार व जिला प्रशासन से स्थायी जल स्रोतों एवं सिंचाई साधनों को दुरुस्त करने की लगातार मांग कर रहे हैं.
