मगध सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की वार्षिक आमसभा रविवार को धूमधाम से आयोजित की गई. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया.
इस वार्षिक आमसभा में जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधान परिषद सदस्य (MLC) सुनील कुमार सिंह, पूर्व विधायक अवधेश सिंह, बैंक के अध्यक्ष विनय कुमार और उपाध्यक्ष राजीव कुमार उर्फ मुन्नू बाबू सहित बैंक के तमाम वरीय अधिकारी, विभिन्न पैक्सों के अध्यक्ष और व्यापार मंडल के अध्यक्ष बड़ी संख्या में मौजूद रहे.
आमसभा को संबोधित करते हुए एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मगध सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लगातार पांच वर्षों से मुनाफे में चल रहा है. इस वित्तीय वर्ष में बैंक को दो करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध मुनाफा हुआ है, जो सहकारिता क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.
उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2012 में जहां बैंक का कुल डिपॉजिट मात्र 28 करोड़ रुपये के आसपास था, वह बढ़कर अब लगभग 140 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. उन्होंने बैंक की इस उत्तरोत्तर प्रगति के लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, बोर्ड के सभी सम्मानित सदस्यों और पैक्स प्रतिनिधियों को बधाई दी.
सीएमआर भुगतान और खाद की कालाबाजारी का उठा मुद्दा
इस आमसभा के दौरान किसानों और पैक्स अध्यक्षों से जुड़े कई गंभीर मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए, जिनमें मुख्य रूप से खाद की उपलब्धता, खाद की कालाबाजारी और पैक्स अध्यक्षों के सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) भुगतान का मामला शामिल रहा.
एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि पूरे बिहार में पैक्स अध्यक्षों का लगभग 2500 करोड़ रुपये बकाया था, जिसमें से अब तक करीब 1300 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है.
उन्होंने बताया कि गया, जहानाबाद और अरवल जिलों में सीएमआर मद के तहत कुल 160 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया थी, जिसमें से लगभग 80 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है. उन्होंने सरकार से मांग की कि शेष बची हुई लंबित राशि का भुगतान जल्द से जल्द ब्याज सहित किया जाए.
किसानों के हितों और फसल क्षति मुआवजे की मांग
सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को राहत देने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने मांग रखी कि कुल खाद का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से सहकारी समितियों के माध्यम से ही किसानों को उपलब्ध कराया जाए.
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इसके अलावा, उन्होंने हालिया बाढ़ और सूखे से प्रभावित किसानों की फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक और जमीनी आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिए जाने की भी पुरजोर मांग उठाई.
आमसभा में पैक्स और व्यापार मंडलों की वित्तीय सुदृढ़ता को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई. वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि जमीनी स्तर पर किसानों को सशक्त बनाने के लिए सहकारी संस्थाओं के लंबित भुगतानों का समय पर निपटारा होना बेहद जरूरी है. बैंक के बढ़ते कारोबार और लगातार लाभ की स्थिति को रेखांकित करते हुए भविष्य में सहकारिता क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया. कार्यक्रम के दौरान एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने राजनीतिक चर्चा करते हुए जदयू के अंदरूनी हालातों को लेकर भी अपने विचार रखे.
