Gaya Ji Junction RPF : गया जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत तीन भटके हुए नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया. आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों बच्चों को चाइल्ड हेल्प डेस्क के माध्यम से चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया.
ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत आरपीएफ की कार्रवाई
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीम ने सोमवार को ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत गया जंक्शन से तीन भटके हुए नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया. इसके बाद बच्चों को चाइल्ड हेल्प डेस्क के माध्यम से चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया.
प्लेटफॉर्म पर अकेले मिले तीन बच्चे
आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव ने बताया कि सहायक उप निरीक्षक मृत्युंजय कुमार अकेला, उप निरीक्षक विकास कुमार और सहायक उप निरीक्षक सुधीर कुलू स्टेशन परिसर में गश्त कर रहे थे. इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 1-बी के दिल्ली छोर पर तीन नाबालिग बच्चे अकेले और घबराए हुए बैठे मिले.
पूछताछ में सामने आई यह जानकारी
पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि वे नवादा जिले के रहने वाले हैं और एक साथ घर से घूमने निकले थे. इसी दौरान वे रास्ता भटककर गया जंक्शन पहुंच गए. बच्चों की उम्र क्रमशः 10, 8 और 12 वर्ष बताई गई है.
बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया
स्थिति को देखते हुए आरपीएफ ने तीनों बच्चों को अपने संरक्षण में लिया और आरपीएफ पोस्ट ले जाकर उन्हें बिस्कुट तथा पीने का पानी उपलब्ध कराया. इसके बाद तत्काल चाइल्ड हेल्प डेस्क गया को सूचना दी गई.
चाइल्ड लाइन को सौंपे गए बच्चे
सूचना मिलने पर चाइल्ड लाइन के केस वर्कर आकाश कुमार आरपीएफ पोस्ट पहुंचे. आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों बच्चों को सकुशल चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया, ताकि उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके.
लोगों ने की आरपीएफ की सराहना
आरपीएफ की त्वरित और मानवीय कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की. रेलवे सुरक्षा बल ने बताया कि ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत रेलवे परिसरों में मिलने वाले भटके और असहाय बच्चों को सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है.
Also Read : गया के टिकारी में थाना से चंद कदम दूर चोरी, बंद मकान को चोरों ने बनाया निशाना
