राष्ट्रहित में प्रधानमंत्री के सात सूत्रीय आह्वान को अपनाने पर जोर सीयूएसबी में आयोजित पैनल चर्चा में ईंधन बचत, हरित ऊर्जा व जैविक खेती पर हुई चर्चा वरीय संवाददाता, गया दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सात सूत्रीय आह्वान पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गयी. कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित सम्मेलन कक्ष में वाणिज्य व व्यवसाय अध्ययन विभाग तथा अर्थशास्त्र व नीति अध्ययन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. इस अवसर पर कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें व्यक्तिगत सुविधा से पहले राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ईंधन की खपत कम करने और विदेशी मुद्रा की बचत के लिए प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये सात सूत्रीय आह्वान का सभी को समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत 2047 की दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा इजराइल-ईरान युद्ध से उत्पन्न वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना समझदारी से किये जाने की आवश्यकता है. पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने जैविक खेती को बढ़ावा देने, ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने तथा विश्वविद्यालय की मौखिक परीक्षाओं (वाइवा-वोसे) को ऑनलाइन आयोजित करने जैसे सुझाव दिये. साथ ही राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया गया. जागरूकता फैलाने की जरूरत चर्चा के दौरान हरित कृषि, हरित ऊर्जा, उत्सवों में स्वर्ण उपभोग कम करने तथा शिक्षकों और विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता बतायी गयी. परिचर्चा में कहा गया कि राष्ट्रीय चुनौतियों के समय नागरिकों की सामूहिक एकजुटता देश को मजबूत बनाती है. कार्यक्रम में प्रो ब्रजेश कुमार, प्रो कृष्णन चालिल, प्रो प्रवीण कुमार, प्रो अवनीश प्रकाश सिंह, डॉ मंगलेश कुमार मंगलम, डॉ हरेश नारायण पांडेय समेत कई शिक्षक व विशेषज्ञ मौजूद रहे.
व्यक्तिगत सुविधा से पहले राष्ट्रहित हम सबका कर्तव्य : वीसी
राष्ट्रहित में प्रधानमंत्री के सात सूत्रीय आह्वान को अपनाने पर जोर
