मगध विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में सोमवार को बीएड प्रथम वर्ष सत्र 2026-28 के प्रशिक्षुओं के लिए दीक्षा आरंभ कार्यक्रम (इंडक्शन प्रोग्राम) का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष एवं अन्य शिक्षकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित करके की.
डॉ. ओमप्रकाश और प्रिया प्रसाद के निर्देशन में सीनियर प्रशिक्षुओं द्वारा मनमोहक सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई. आगत अतिथियों एवं नए प्रशिक्षुओं का स्वागत डॉ. रश्मि सिन्हा ने किया.
साथ ही, उन्होंने प्रशिक्षुओं को संस्थान परिसर में क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसकी विस्तृत जानकारी दी. डॉ. नरगिस नाज ने विभाग के ड्रेस कोड एवं अन्य जरूरी अनुशासनात्मक बातों से अवगत कराया.
इसके अलावा, डॉ. संजीव कुमार पाण्डेय ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दो वर्षों तक चलने वाले शैक्षणिक कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा साझा की.
आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवात कुमार धल ने अपने संबोधन में कहा कि भावी शिक्षकों को सामाजिक विभिन्नता को बारीकी से समझकर ही अध्यापन कार्य करना चाहिए.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों को अपने अध्यापन कार्य में आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे शिक्षण कार्य में सरसता और रोचकता बनी रहे.
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. असफाक अहमद ने किया.
कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर डॉ. नरेंद्र पाण्डेय, डॉ. विवेकानंद सिंह, डॉ. मुसरत जहां, डॉ. कामरान हसन और रामेश्वर मिश्र सहित सभी शिक्षकेतर कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
