Magadh Range IG Vikas Vaibhav: (गया से रोशन कुमार की रिपोर्ट)
मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने बड़ी कार्रवाई की है. विकास वैभव ने जहानाबाद जिले के साइबर थाने के इंस्पेक्टर पंकज कुमार को निलंबित कर दिया है. इस कार्रवाई से साइबर थाने में हलचल बढ़ गई है.
क्यों हुई कार्रवाई
जानकारी अनुसार मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने अनुसंधान में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में साइबर थाने में तैनात इंस्पेक्टर पंकज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. जहानाबाद जिले के टेहटा थाना कांड संख्या 321/25 की समीक्षा के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई. मामले में विभागीय कार्रवाई भी शुरू करने का आदेश दिया गया है.
कांड की समीक्षा में खुली बड़ी लापरवाही
आईजी विकास वैभव ने बताया कि टेहटा थाना कांड संख्या 321/25 की समीक्षा के दौरान अनुसंधान में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. जांच में पाया गया कि इंस्पेक्टर पंकज कुमार ने गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ तक नहीं की, जिससे मामले की जांच प्रभावित हुई. समीक्षा में यह भी सामने आया कि फरार आरोपियों के खिलाफ न्यायालय से वारंट प्राप्त करने के लिए समय पर अधियाचना दाखिल नहीं की गई.इससे आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कमजोर पड़ गई और जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए.
स्टेशन डायरी में नहीं दर्ज की गई जांच की प्रगति
आईजी कार्यालय की जांच में पाया गया कि रिमांड से जुड़े प्रयासों और अनुसंधान की प्रगति का कोई स्पष्ट अभिलेख स्टेशन डायरी में दर्ज नहीं कराया गया था. इससे पूरे अनुसंधान की पारदर्शिता और गंभीरता पर सवाल उठे हैं. मामले की विस्तृत समीक्षा के बाद जहानाबाद एसपी ने अपने प्रतिवेदन में इंस्पेक्टर पंकज कुमार पर लापरवाही, शिथिलता, उदासीनता और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया था. एसपी ने उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की थी.
लापरवाही से आरोपियों को मिला कोर्ट से फायदा
समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि अनुसंधान में बरती गई लापरवाही के कारण गंभीर लूट और डकैती मामलों के आरोपियों को न्यायालय से लाभ मिला. इससे केस की गुणवत्ता प्रभावित हुई और पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे. आईजी विकास वैभव ने इंस्पेक्टर पंकज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है. निलंबन अवधि में उन्हें सामान्य जीवन भत्ता दिया जाएगा. साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी संचालित की जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई साफ संदेश है कि अनुसंधान में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
