Magadh Milk Union Dairy Societies : बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जिला अतिथि गृह सभागार में कॉम्फेड के एमडी के साथ मगध दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, गया के कार्यों व योजनाओं की समीक्षा की. इस बैठक में दुग्ध संग्रहण बढ़ाने, दुग्ध समितियों के विस्तार, पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और महिला सहभागिता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई.
दूध संग्रहण का नया लक्ष्य और समितियों का विस्तार
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि मगध दुग्ध संघ वर्तमान में प्रतिदिन करीब 95 हजार लीटर दूध का संग्रहण कर रहा है, जिसे बढ़ाकर दो लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके लिए गया, औरंगाबाद, जहानाबाद और अरवल जिलों में दुग्ध समितियों के विस्तार तथा उन्हें क्रियाशील बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम छमाही में 957 नई दुग्ध समितियों के गठन के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 698 समितियां गठित हो चुकी हैं, जिनमें 250 से अधिक समितियां क्रियाशील हैं. वर्तमान में 1,400 से अधिक क्रियाशील दुग्ध सहकारी समितियां कार्यरत हैं और 60 हजार से अधिक पशुपालक किसान संघ से जुड़े हैं.
भुगतान व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की पहल
अध्यक्ष ने कहा कि पशुपालकों को पारदर्शी एवं समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डीएटी प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है. निर्धारित 844 डीसीएस के लक्ष्य के विरुद्ध 430 से अधिक समितियों को डीएटी के लिए तैयार किया जा चुका है.
महिला समितियों का प्रभाव और पशु स्वास्थ्य सुविधाएं
डॉ. प्रेम कुमार ने महिला सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि 160 महिला दुग्ध समितियों से दुग्ध संग्रहण में सकारात्मक प्रभाव पड़ा है.
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उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए महिलाओं की भागीदारी और बढ़ाने पर जोर दिया. साथ ही, पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर पशु स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक प्रखंड में पशु औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं, और 150 से अधिक सुधा सखियों के फॉर्म जमा किए जा चुके हैं.
बायोगैस सिस्टम और अधिकारियों को निर्देश
ग्रामीण परिवारों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों के घरों पर बायोगैस सिस्टम स्थापित कराया जा रहा है, जिसके लिए अब तक 140 से अधिक पशुपालकों का चयन किया गया है. अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करें और पशुपालकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें.
उन्होंने कहा कि दो लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध संग्रहण का लक्ष्य हासिल होने से चारों जिलों के हजारों पशुपालकों की आय बढ़ेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
