गया जी : मगध मेडिकल में शुरू हुई कार्डियक सीटी जांच, अब हार्ट की बेहतर इलाज के लिए बाहर नहीं जाना होगा

गया के मगध मेडिकल कॉलेज में अब कार्डियक सीटी और सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी की सुविधा शुरू, मरीजों को मिलेगी हृदय रोगों की सटीक जांच की बेहतर सुविधा.

अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल (ANMMCH) के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में अत्याधुनिक जीई 128-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन के माध्यम से कार्डियक सीटी व सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी की सुविधा मरीजों के लिए शुरू कर दी गई है.

इस नई सुविधा के प्रारंभ होने से गया एवं मगध क्षेत्र के मरीजों को हृदय की धमनियों की उन्नत जांच के लिए अब बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.

हृदय रोग विभाग के हेड डॉ. अमन कुमार व डॉ. अमित कुमार ने बताया कि कार्डियक सीटी एक बिना ऑपरेशन और बिना कैथेटर (नॉन-इनवेसिव) जांच है, जिसमें अत्याधुनिक सीटी स्कैन की सहायता से हृदय एवं उसकी धमनियों की विस्तृत तस्वीरें मिल जाती हैं.

यह जांच विशेष रूप से उन मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी है, जिनमें हृदय रोग का कम से मध्यम जोखिम होता है तथा जिनमें सीने में दर्द या अन्य लक्षणों के कारण कोरोनरी धमनियों की स्थिति जानना आवश्यक होता है. डॉक्टरों ने बताया कि यह जांच कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है और अधिकांश मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती.

समय पर सही जांच से हृदय रोग का शीघ्र पता लगाकर उचित उपचार शुरू किया जा सकता है, जिससे गंभीर जटिलताओं और हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने में सहायता मिलती है.

बाहर में जांच पर आता है 8 से 25 हजार तक का खर्च, यहां मात्र 4 हजार शुल्क

सीटी-कोरोनरी एंजियोग्राफी टेस्ट में शरीर में कोई कैथेटर नहीं डाला जाता है. हाथ की नस में डाई का इंजेक्शन देकर सीटी स्कैन मशीन से हार्ट की तस्वीरें ली जाती हैं. इसमें 15 से 20 मिनट का समय लगता है और थ्री-डी इमेज मिलती है.

हालांकि, बाहर यह टेस्ट महंगा होता है और इसमें 8 से 25 हजार रुपए तक का खर्च आ सकता है, लेकिन यहां इस जांच के लिए मात्र चार हजार रुपए का रेट रखा गया है.

इन परिस्थितियों में दी जाती है कार्डियक सीटी जांच की सलाह

  • बार-बार या नए प्रकार का सीने में दर्द होने पर.
  • चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सीने में दर्द या सांस फूलने की शिकायत होने पर.
  • टीएमटी या अन्य प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट स्पष्ट न होने पर.
  • हृदय की धमनियों में रुकावट की संभावना का पता लगाने के लिए.
  • जन्मजात हृदय रोग (CHD) की विस्तृत संरचना समझने के लिए.
  • हृदय एवं महाधमनी (एओर्टा) की कुछ बीमारियों के मूल्यांकन में.
  • कुछ मरीजों में बाईपास सर्जरी या स्टेंट के बाद चिकित्सकीय सलाह अनुसार फॉलो-अप जांच के लिए.

सभी को नहीं होती इस जांच की जरूरत

डॉ. अमित कुमार ने बताया कि हर मरीज को सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी की आवश्यकता नहीं होती है. किस मरीज के लिए यह जांच उपयुक्त है, इसका निर्णय हृदय रोग विशेषज्ञ मरीज के लक्षण, जोखिम एवं अन्य जांचों के आधार पर करते हैं.

सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी मुख्यतः एक स्क्रीनिंग एवं निदान (डायग्नोस्टिक) जांच है. यदि इस जांच में हृदय की धमनियों में महत्वपूर्ण रुकावट का संदेह या पुष्टि होती है, तो मरीज को पारंपरिक कोरोनरी एंजियोग्राफी कराने की सलाह दी जाती है. यह जांच कैथेटर के माध्यम से की जाती है और इसी के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर एंजियोप्लास्टी (स्टेंट) या बाईपास सर्जरी जैसे उपचार की योजना बनाई जाती है.

उन्होंने कहा कि इसलिए सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी उपचार का विकल्प नहीं, बल्कि सही मरीजों में उपचार की दिशा तय करने वाली एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक जांच है. एएनएमएमसीएच में इस अत्याधुनिक सुविधा के शुरू होने से क्षेत्र के मरीजों को विश्वस्तरीय जांच अपने ही शहर में उपलब्ध होगी, जिससे समय, खर्च और अनावश्यक यात्रा की परेशानी में भी कमी आएगी.

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By Jitendra Mishra

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