Gaya ji Mushroom Production: 29वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), गया और कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया. समापन समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा-युवतियों को मुख्य अतिथि 29वीं वाहिनी एसएसबी के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मानवेंद्र ने प्रमाणपत्र प्रदान किए.
आत्मनिर्भर बनने का किया आह्वान
डीआईजी मानवेंद्र ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से मशरूम उत्पादन की सीखी गई तकनीकों का व्यवहारिक उपयोग कर स्वरोजगार स्थापित करने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की. उन्होंने कहा कि एसएसबी और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम सीमावर्ती और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं.
स्वरोजगार बेरोजगारी का बेहतर विकल्प
29वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट कुणाल ने कहा कि सभी लोगों को सरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरी मिलना संभव नहीं है. ऐसे में स्वरोजगार बेरोजगारी कम करने का बेहतर विकल्प है. उन्होंने कहा कि कम लागत में मशरूम उत्पादन शुरू कर लोग अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं.
प्रशिक्षणार्थियों ने साझा किए अनुभव
प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों, उत्पादन प्रबंधन, विपणन और स्वरोजगार के अवसरों की उपयोगी जानकारी मिली. इससे भविष्य में स्वयं का रोजगार शुरू करने में मदद मिलेगी.
कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे मौजूद
समारोह के अंत में सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए तथा सभी अतिथियों और सहयोगी संस्थानों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया. इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर के प्रभारी एवं वरीय वैज्ञानिक ई. मनोज कुमार राय, उप कमांडेंट देवेंद्र उपाध्याय, वैज्ञानिक (प्रसार शिक्षा) डॉ. अशोक कुमार, एसएसबी के अधिकारी, जवान और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे.
