Gaya Ji News : बिहार सरकार द्वारा आयोजित ''मेरा प्रखंड, मेरा गौरव'' कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य के लिए गया जिले के गुरुआ निवासी कौशल पांचाल को जिलाधिकारी द्वारा गरिमापूर्ण तरीके से सम्मानित किया गया है.
गुरुआ निवासी रंजन विश्वकर्मा के पुत्र कौशल पांचाल को जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन धरोहरों के संरक्षण, व्यापक प्रचार-प्रसार और उनकी वैश्विक व प्रादेशिक पहचान स्थापित करने में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया है. इस विशेष सम्मान समारोह में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया.
युवाओं की सराहना
इस गौरवमयी अवसर पर जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मुख्य रूप से मौजूद रहे. समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने कौशल पांचाल के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की.
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्थानीय स्तर पर छिपे हुए पर्यटन स्थलों को मुख्यधारा में लाकर नई पहचान दिलाने में युवाओं की रचनात्मक भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. युवाओं के ऐसे प्रयासों से न केवल ऐतिहासिक स्थलों का पुनरुद्धार होता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसर भी विकसित होते हैं.
धरोहरों का प्रचार
कौशल पांचाल ने गुरुआ प्रखंड सहित पूरे गया जिले के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों, धार्मिक धामों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उपेक्षित पर्यटन स्थलों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए धरातल पर लगातार सक्रिय कार्य किया है. उन्होंने विभिन्न आधुनिक एवं पारंपरिक माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हुए इन सभी स्थलों की पुरातात्विक व ऐतिहासिक विशेषताओं को आम लोगों तक सफलतापूर्वक पहुंचाया, जिससे आम जनता में पर्यटन के प्रति जागरूकता काफी बढ़ी और जिले की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक मजबूती मिली.
राष्ट्रीय पहचान का संकल्प
यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करने के बाद कौशल पांचाल ने पर्यटन विभाग, बिहार सरकार, जिला प्रशासन, गया तथा जिलाधिकारी शशांक शुभंकर के प्रति हृदय से अपना आभार व्यक्त किया. उन्होंने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए भविष्य में और बेहतर काम करने का एक बड़ा प्रेरणास्रोत है.
उन्होंने संकल्प लिया कि भविष्य में भी वे गया जिले की समृद्ध विरासत, अनुपम संस्कृति और विभिन्न पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे.
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