जगजीवन कॉलेज के 68वें स्थापना दिवस पर विकास की गूंज, लेकिन जलजमाव बना चुनौती

Gaya Ji News : कार्यक्रम में मगध विश्वविद्यालय के कुलपति ने शिरकत करते हुए कॉलेज की उपलब्धियों की सराहना की. घोषणा की कि आने वाले समय में यहां एमए और एमएससी की पढ़ाई शुरू की जाएगी.

Gaya Ji News : (संजीव कुमार सिन्हा की रिपोर्ट)

जगजीवन कॉलेज ने अपना 68वां स्थापना दिवस मनाकर इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ लिया. इस अवसर पर लंबे इंतजार के बाद परिसर में बाबू जगजीवन राम की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया. कार्यक्रम में मगध विश्वविद्यालय के कुलपति ने शिरकत करते हुए कॉलेज की उपलब्धियों की सराहना की.

मगध विश्वविद्यालय से 1975 में जुड़ाव रखने वाले कुलपति ने इस अवसर को गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि जगजीवन कॉलेज विश्वविद्यालय की धरोहर (एसेट)” है. उन्होंने कॉलेज को NAAC मूल्यांकन में प्राप्त ‘B’ ग्रेड पर बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान थोड़े और प्रयास से ‘B+’ स्तर तक पहुंच सकता है. उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में यहां एमए और एमएससी की पढ़ाई शुरू की जाएगी.

कार्यक्रम में कॉलेज के दो पूर्व छात्रों का भी उल्लेख किया गया, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है, जिसे उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया गया.

दिवंगत शिक्षकों के प्रयासों से मिला विकास को आकार

कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. सत्येंद्र प्रजापति ने बताया कि पूर्व उपप्राचार्य स्व. राजीव रंजन के प्रयासों से RUSA के तहत 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी. उनके निधन के बाद उन्होंने 1 जून 2022 को प्राचार्य पद संभाला और लंबित विकास कार्यों को पूरा कराया. इसी राशि से मल्टीपर्पस भवन, साइकिल स्टैंड, मानविकी भवन और चारदीवारी का निर्माण हुआ, जिससे कॉलेज का स्वरूप काफी बदला है. प्राचार्य ने बताया कि वे इसी महीने 30 तारीख को सेवानिवृत्त हो रहे हैं.

विकास की चमक के बीच जलजमाव बना गंभीर समस्या

एक ओर कॉलेज करोड़ों के इंफ्रास्ट्रक्चर और NAAC ग्रेडिंग की उपलब्धियों से गौरवान्वित है, वहीं दूसरी ओर परिसर में जलजमाव की गंभीर समस्या ने चिंता बढ़ा दी है. प्राचार्य ने बताया कि जलभराव के कारण नई बनी इमारतों और आधारभूत संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा है.

उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, नगर निगम और नगर आयुक्त तक को पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। केवल औपचारिक कार्रवाई और कुछ अतिक्रमण हटाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।

प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल

प्राचार्य ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार गुहार के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है और अब परिसर में जलजमाव और बढ़ता जा रहा है. इससे कॉलेज की विकास योजनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

कार्यक्रम में कुलपति और प्राचार्य ने कॉलेज की उपलब्धियों के साथ-साथ इसकी चुनौतियों को भी सामने रखा.

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Published by: Rajeev Kumar

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