बोधगया में पिंडदानियों को ठहराने के लिए होटल व गेस्ट हाउसों को लाइसेंस लेना अनिवार्य

पितृपक्ष की अवधि के लिए गया संवास सदन समिति से लेना होगा अस्थायी अनुज्ञप्ति

बोधगया. पितृमुक्ति के महापर्व पितृपक्ष मेले में आने वाले देश-विदेश के पिंडदानियों को ठहराने के लिए बोधगया स्थित होटल व गेस्ट हाउसों के साथ ही निजी भवनों के मालिकों को लाइसेंस लेना होगा. इसके लिए पितृपक्ष की अवधि तक के लिए गया संवास सदन समिति से अस्थायी अनुज्ञप्ति प्राप्त करना होगा. लाइसेंस नहीं लेने व पिंडदानियों को ठहराने की स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा जांच के बाद संबंधित पर जुर्माना का भी प्रावधान किया गया है. इसके लिए वरीय उप समाहर्ता सह संवास सदन समिति के सचिव ने बोधगया के होटल एसोसिएशनों के अध्यक्ष व महासचिव को पत्राचार कर सूचित किया है. इस संबंध में होटल एसोसिएशन बोधगया के महासचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि इसकी सूचना संबंधित होटल संचालकों को प्रेषित कर दिया गया है ज्यादातर होटल संचालकों ने संवास सदन समिति के मार्फत अस्थायी लाइसेंस प्राप्त कर चुके होंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि होटलों को तो यात्रियों को ठहराने का लाइसेंस पहले से ही प्राप्त होता है, पर जिला प्रशासन के निर्देश का अनुपालन किये जाने को लेकर संबंधित होटल व गेस्ट हाउस संचालकों को लाइसेंस प्राप्त करने को कहा गया है. उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों से गया के विभिन्न आवासन स्थलों, होटलों के साथ ही बोधगया में भी काफी संख्या में पिंडदानी ठहरने लगे हैं. इससे हालांकि, ट्रैफिक की समस्या तो उत्पन्न होती है, पर यात्रियों को ज्यादा सुविधा के साथ ही बोधगया के पर्यटन के ऑफ सीजन में भी पिंडदानियों के कारण व्यवसाय हो जाता है. पितृपक्ष के दौरान बोधगया में ठहरने वाले यात्रियों को लेकर प्रशासन भी गंभीर है व इसके लिए निगमा मोनास्टरी सहित अन्य बौद्ध मठों में भी यात्रियों के लिए आवासन की व्यवस्था व चिकित्सा शिविर लगाये जाने का निर्देश दिये गये हैं. पुलिस भी होटलों में सीसीटीवी कैमरों व सुरक्षा को लेकर अन्य सुविधाओं का आंकलन व पड़ताल करने की तैयारी करने में जुट चुकी है.

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