गया. केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग के तत्वाधान में बुधवार को विभाग के सहायक आयुक्त शिशिर सौरभ के निर्देशन में बैठक आयोजित हुई. बैठक में सेंट्रल बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स, मगध इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के अलावा अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ-साथ विभाग के अन्य अधिकारियों ने भाग लिया. बताया गया कि उक्त बैठक कर दाताओं व कर विशेषज्ञों को विभाग की ओर से समन्वय स्थापित कर व्यवसायी कर दाताओं व कर विशेषज्ञों की समस्याओं के निराकरण के उद्देश्य से आयोजित की गयी. बैठक में चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से अध्यक्ष विपेंद्र अग्रवाल, महासचिव सुनील कुमार, संरक्षक डॉ कौशलेंद्र प्रताप, मगध इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ अनूप केडिया ने व्यवसायियों को रिटर्न दाखिल संबंधी प्रावधानों व नियमों से संबंधित विभिन्न समस्याओं की ओर विभाग का ध्यानाकृष्ट कराया. वहीं अधिवक्ताओं व चार्टर्ड अकाउंटेंटस ने भी रिटर्न पॉलिसी में और रिटर्न के समय आने वाली कठिनाइयों की ओर विभाग का ध्यानाकृष्ट कराया. सहायक आयुक्त व विभाग के अधिकारियों ने जीएसटी रिटर्न को काफी मात्रा में लंबित होने पर ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने बताया कि जीएसटी 10 बहुत व्यापारियों द्वारा दाखिल नहीं किया गया है, जो उनके साथ-साथ विभाग के लिए भी परेशानी का कारण है. उन्होंने व्यवसायियों को समय पर रिटर्न फाइल करने के लिए प्रेरित किया. उनके व्यावसायिक स्थान से लेकर अन्य सूचनाओं जैसे मोबाइल नंबर, व्यापार की प्रकृति, मेल-एड्रेस में होने वाले परिवर्तन के संबंध में विभाग को शीघ्र सूचित किये जाने की आवश्यकता है, उन्होंने बतलाया कि सूचना जो पोर्टल पर अंकित है, उसमें किसी भी प्रकार के परिवर्तन होने के संबंध में विभाग को शीघ्रता शीघ्र सूचित करने की आवश्यकता है. उन्होंने बताया की वर्क कांट्रेक्टर्स को कंपोजिशन स्कीम से नॉर्मल स्कीम में आ जाना चाहिए, क्योंकि ठेकेदार के लिए कंपोजिशन स्कीम से अधिक सुविधा नॉर्मल स्कीम में है. उन्होंने कहा कि कुछ बड़े करदाता द्वारा इस वित्तीय वर्ष में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में टैक्स कम दिया गया है.
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