इमामगंज. मगध क्षेत्र में लोक गीत को सुनने और गाने वालों की कमी नहीं है. इस विद्या में गाये जाने वाली गीतों को सुनकर गांव वाले आज भी रोमांचित हो जाते है. गावों में आज भी लोक गीत पर लोग थिरकने लगते है. लोक गीत मगध की धरती से निकल कर देश और विदेशों में सुना जाता है. इस विद्या में गीत के माध्यम से गांव-समाज में में होने वाली घटनाओं के भाव का समावेश काफी मजबूत होती है, जिसे ग्रामीण शौक से सुनते है. लोक गीत मगध की धरती पर एक बार फिर ट्रेंड कर रहा है, क्योंकि इमामगंज की विधायक दीपा कुमारी बांकेबाजार में शुक्रवार को एनडीए के कार्यालय के उद्घाटन पर एक मगही गीत गाया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. विधायक ने कार्यालय के उद्घाटन के पश्चात संबोधन के दौरान अपन मगही लोक गीत अपन गौऊआ के स्वर्ग बनइबै शहरिया न जैईबै, गौऊआ में रहलैई आम के बगीचवा, भोरे-भोरे कोयली सुनाबै मीठी बोलियां, मीठी बोलियां से दिलवा जुडैवइ, शहरिया न जैईबै. अपन गौऊआ के स्वर्ग बनइबै शहरिया न जैईबै… गायी जो सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है. इस लोक गीत के माध्यम से ग्रामीणों को बताना चाहती है कि गांव के वातावरण में ही रहकर गांव को सुंदर व स्वर्ग बनाऊंगी. जनता ने विधानसभा जिताने का काम करती हैं तो इमामगंज की जनता को मैं मान सम्मान में कमी नही करूंगी. इसके पहले भी इमामगंज के झिकटीया कला गांव में विधायक ने महिलाओं के साथ झूमर गाकर लोगों को अपनी गायकी से मंत्रमुग्ध कर दिया था. विधायक द्वारा लोक गीत और झूमर गाये जाने की चर्चा खूब हो रही है.
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