Bihar Suicide News: गया जिले के शेरघाटी के क्षेत्रीय नगर मुहल्ला में एक शिक्षक ने जहर खाकर अपनी जान दे दी. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग स्तब्ध हैं. मृतक की पहचान बृजेश प्रथम के रूप में हुई है, जो अनुसूचित जाति-जनजाति प्राथमिक विद्यालय, गोपालपुर में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे. वे मूल रूप से डेहरी ऑन सोन के रहने वाले थे, लेकिन लंबे समय से शेरघाटी में रहकर स्कूल में पढ़ाते थे.
सुसाइड नोट ने खोले कई राज
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसने इस मामले को और गंभीर बना दिया है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नोट में बृजेश प्रथम ने अपने बड़े बेटे, पत्नी और छोटे बेटे के व्यवहार से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात लिखी है. उन्होंने परिवारिक प्रताड़ना को अपनी मौत का कारण बताया है.
साथ में काम करने वाले शिक्षकों ने बताई अंदर की पीड़ा
साथ में काम करने वाले शिक्षकों के मुताबिक, बृजेश प्रथम स्वभाव से बेहद शांत और मिलनसार व्यक्ति थे. वे अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित थे. हालांकि, पिछले कुछ समय से वे पारिवारिक तनाव को लेकर काफी परेशान चल रहे थे और कई बार अपने दर्द को साझा भी करते थे. यहां तक कि वे यह भी कहते थे कि अब वे ज्यादा दिन जीवित नहीं रह पाएंगे.
अस्पताल में तोड़ा दम
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गया के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया.
पुलिस कर रही गहराई से जांच
मामले की जांच प्रभारी थानाध्यक्ष रूपा कुमारी के नेतृत्व में की जा रही है. पुलिस सुसाइड नोट और अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके.
