राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 : गया जी के मानपुर में दम तोड़ रहा हथकरघा उद्योग, बुनकरों ने सरकार से मांगी नई नीति और आर्थिक मदद

गया जी के मानपुर में हथकरघा उद्योग बंदी की कगार पर है, जहाँ कभी सैकड़ों मशीनें चलती थीं. बुनकर समुदाय सरकार से नई नीति और आर्थिक मदद की गुहार लगा रहा है. पूंजी और बाजार के अभाव में यह पारंपरिक उद्योग विलुप्त होने के कगार पर है.

National Handloom Day 2026 : 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की पूर्व संध्या पर गोपाल प्रसाद पटवा ने मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रदेश व देश के बुनकर एवं कामगार समाज को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी. उन्होंने सरकार को अवगत कराया कि पूंजी के साथ लोकल मार्केट के अभाव में हस्तकरघा कुटीर उद्योग बंद के कगार पर पहुंच गया है.

उसका उदाहरण गया शहर के फल्गु नदी पूर्वी तट स्थित मानपुर में देखने को मिल रही है. कभी मानपुर पटवा टोली में सैकड़ों संख्या में मशीन दिन-रात चलती थी, लेकिन अब विलुप्त के कगार पर पहुंच गई है.

देशभर में 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस शुक्रवार सात अगस्त 2026 को मनाया जाएगा. भारत सरकार ने वर्ष 2015 में चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से इसकी शुरुआत की थी. सात अगस्त 1905 को कलकत्ता में स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी. उसी ऐतिहासिक दिन को हथकरघा और बुनकरों के सम्मान के लिए चुना गया.

गया जिले में हथकरघा उद्योग की बदहाल स्थिति

श्री पटवा ने कहा कि हथकरघा हमारी संस्कृति, परंपरा और स्वदेशी की पहचान है. कृषि के बाद यह सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है.

गया जी जिले की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे जिले में वर्तमान में पांच दर्जन से भी कम हथकरघा चालू अवस्था में हैं, जबकि पूर्व में सैकड़ों हथकरघा संचालित होते थे और आज भी सैकड़ों हथकरघा बंद पड़े हैं.

जिले में दो दर्जन प्राथमिक बुनकर सहयोग समितियां होने के बावजूद पूंजी एवं सरकारी सहयोग के अभाव में स्थिति लगातार खराब हुई है. लाभार्थियों के चयन में अनियमितता के कारण हथकरघा उद्योग प्रभावित हुआ है.

सरकार से प्रमुख मांगें

सरकार से प्रमुख मांगें:

  • बिहार में हथकरघा विकास हेतु स्पष्ट नीति निर्धारित की जाए.
  • राष्ट्रीय बुनकर आयोग एवं बिहार राज्य बुनकर एवं दस्तकार आयोग का गठन कर उसके प्रस्तावों को लागू किया जाए.
  • युवाओं एवं महिलाओं को हथकरघा से जोड़ा जाए. गरीब एवं हुनरमंद महिलाओं-युवाओं को घर पर हथकरघा, उचित पूंजी, ऑर्डर एवं विपणन के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जाएं. युवाओं एवं महिलाओं को हथकरघा से जोड़ा जाए.
  • गरीब एवं हुनरमंद महिलाओं-युवाओं को घर पर हथकरघा, उचित पूंजी, ऑर्डर एवं विपणन हेतु संसाधन उपलब्ध कराए जाएं.

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By Rohit kumar singh

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