Gaya Ji News (गुरारू से सुमित कुमार की रिपोर्ट):
गुरारू रेलवे स्टेशन पर दो एक्सप्रेस और एक पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर शनिवार को स्टेशन प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा गया. जदयू नेता सुनील पासवान के नेतृत्व में 14269/15260 गया-लखनऊ एकात्मा एक्सप्रेस और 18639/18640 आरा-रांची एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया. गुरारू के यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेल मंत्रालय द्वारा ट्रेनों का ठहराव किया जाना चाहिए.
गुरारू स्टेशन से बड़ी आय होने के बावजूद यात्रियों को आज भी कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की सुविधा नहीं मिल पा रही है. इसे लेकर लोगों में रेलवे के प्रति भारी नाराजगी है.
कई क्षेत्रों के लोग ट्रेन पकड़ने पहुंचते हैं
जानकारी के अनुसार, गुरारू रेलवे स्टेशन गया जी जिले के महत्वपूर्ण स्टेशनों में गिना जाता है. यहां से सिर्फ गुरारू ही नहीं, बल्कि गुरुआ, शेरघाटी, बाके बाजार, इमामगंज, आमस, रौना, परैया, अहियापुर, कोंच समेत आसपास के कई क्षेत्रों के लोग ट्रेन पकड़ने पहुंचते हैं.
कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं
प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और मरीज लंबी दूरी की यात्रा के लिए इस स्टेशन पर निर्भर रहते हैं. इसके बावजूद यहां कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरारू रेलवे स्टेशन रणनीतिक और व्यावसायिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है. गुरारू एक औद्योगिक क्षेत्र है, जहां दूसरे राज्यों से सैकड़ों मजदूर काम करने के लिए आते हैं.
अमृत भारत योजना के तहत कार्य किए जा रहे
हालांकि रेलवे द्वारा स्टेशन के विकास के लिए अमृत भारत योजना के तहत कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन नई ट्रेनों के ठहराव की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं. यात्रियों का कहना है कि प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव गुरारू में शुरू होने से कई क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिलेगा.
‘गया-लखनऊ एकात्मा एक्सप्रेस और आरा-रांची एक्सप्रेस’ के ठहराव की मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी कई बार रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर गुरारू स्टेशन पर ‘गया-लखनऊ एकात्मा एक्सप्रेस और आरा-रांची एक्सप्रेस ट्रेनों’ के ठहराव की मांग की है, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है. लोगों का कहना है कि जिस स्टेशन से रेलवे को लाखों का राजस्व मिल रहा हो, वहां यात्रियों को बुनियादी रेल सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी से दूर रखना सही नहीं है.
भूख हड़ताल और आमरण अनशन की चेतावनी
इस संबंध में रेलवे के वरीय पदाधिकारी और मंत्रालय को भी ज्ञापन की एक प्रति भेजी गई है. जदयू नेता सुनील पासवान ने जानकारी देते हुए बताया कि ये मांगें सालों से की जा रही हैं, लेकिन रेलवे अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि आगामी 15 जून तक मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो भूख हड़ताल और आमरण अनशन किया जाएगा. इसको लेकर आज ज्ञापन सौंपा गया है.
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