बच्चों के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं चला रहीं सरकार : राज्यपाल

बोधगया में आयोजित दो दिवसीय बाल चिकित्सा सम्मेलन का समापन

बोधगया में आयोजित दो दिवसीय बाल चिकित्सा सम्मेलन का समापन

राज्यपाल ने बिहार सरकार की मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना की विशेष सराहना की

वरीय संवाददाता, बोधगया.

इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स गया की ओर से आयोजित प्रथम एशियन कांग्रेस एवं 25वां राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन में रविवार को हुआ. इसके पूर्व शनिवार की शाम सत्र में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने दीप प्रज्वलित कर दो दिवसीय सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया था. इस अवसर पर डॉ विजय जैन (अध्यक्ष), विशिष्ट अतिथियों में डॉ उदय बोधनकर, डॉ नीलम मोहन, डॉ अरुण अग्रवाल, डॉ रोहित अग्रवाल, डॉ यशवंत पाटिल, डॉ शिव वचन सिंह, डॉ डीके सहाय, डॉ केके लोहानी, डॉ क्रांति किशोर व डॉ ऋषिकेश मंचासीन रहे. एशिया कांफ्रेंस के उद्घाटन सत्र में राज्यपाल ने इस कांग्रेस को बिहार के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम बताया. उन्होंने आयोजक सदस्यों की तारीफ की और कहा कि भारत सरकार और बिहार सरकार बच्चों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही हैं. उन्होंने प्रमुख योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम बच्चों में जन्मजात बीमारियों, कुपोषण और विकास से संबंधित जांच कर मुफ्त इलाज दे रहा है. साथ ही पोषण अभियान 2.0 और मिशन इंद्रधनुष बच्चों के पोषण स्तर और संपूर्ण टीकाकरण को सुनिश्चित कर रहे हैं.

उन्होंने बिहार सरकार की मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना की भी विशेष सराहना की, जो जन्मजात हृदय रोगों (दिल में छेद) से ग्रस्त बच्चों को निःशुल्क जीवनदान दे रही है. राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत रविवार की सुबह वैज्ञानिक सत्रों से हुई. विशेषज्ञों ने बाल स्वास्थ्य से जुड़े विविध विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किये. इनमें प्रमुख वक्ताओं में डॉ (प्रो) अरुण कुमार सिंह, नेपाल, डॉ सरोज (एनएमसीएच, पटना), डॉ आरजी पाटिल (नागपुर), डॉ सुशील पाठक ( पटना), डॉ मानस कालरा, सर गंगाराम अस्पताल, डॉ रोहित अग्रवाल, मुंबई, डॉ ओपी मिश्रा बीएचयू, डॉ बलदेव प्रजापति अहमदाबाद, डॉ समीर दलवाई (मुंबई), डॉ बीपी जायसवाल, डॉ श्रवण कुमार (पटना) समेत अनेक विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किये.

सम्मेलन में चेयरपर्सन के रूप में डॉ रिजवान अहमद, डॉ अमित कुमार, डॉ एकतेदार अहमद, डॉ राकेश कुमार, डॉ राजेश कुमार, डॉ उमेश, डॉ योगिता, डॉ केएम प्रसाद, डॉ सुधीर कुमार, डॉ स्वर्णालता, डॉ सुनील किशोर, डॉ एसएस जमा, प्रो मणिकांत, डॉ राजनंदन, डॉ पीयूष रंजन, डॉ साधना एवं अन्य शिशु रोग विशेषज्ञ ने भाग लिया. मीडिया प्रभारी अमृतेश कुमार व अविनाश कुमार सिंह ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया.

बच्चों की शैक्षिक गतिविधियों की जगह ले रहा अत्यधिक स्क्रीन टाइम : डॉ आरजी पाटिल

नागपुर के प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ आरजी पाटिल ने बच्चों में मीडिया एडिक्शन पर एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए चेतावनी दी कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों की शैक्षिक गतिविधियों की जगह ले रहा है, जिसका सीधा दुष्प्रभाव उनके मनो-सामाजिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि यह एडिक्शन बच्चों में एंग्जायटी (चिंता), सोशल आइसोलेशन (सामाजिक अलगाव), स्लिप डिसऑर्डर (नींद की बीमारी) और निम्न-आत्मसम्मान का प्रमुख कारण बन रहा है, जो उनके अकादमिक प्रदर्शन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है. डॉ पाटिल ने जोर दिया कि समाधान की शुरुआत घर से होती है. अभिभावकों को उपदेश देने के बजाय स्वयं आइडियल रोल मॉडल बनना होगा. उन्होंने बच्चों के मीडिया उपयोग की निगरानी करने, मजबूत पारिवारिक संवाद स्थापित करने और ऑफलाइन खेलकूद को अनिवार्य रूप से बढ़ावा देने को इस डिजिटल चुनौती से निबटने का सबसे कारगर तरीका बताया.

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Published by: Kalendra pratap singh

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