गया शहर के आजाद पार्क में चल रहे गणेश महोत्सव के अवसर पर श्री रामचरितमानस नवाह्न पारायण यज्ञ समिति की ओर से आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा महापुराण का शुभारंभ हुआ. गया जी एवं पुष्कर पीठाधीश्वर श्री वेंकटेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने कथा सुनायी. उन्होंने कहा कि भगवान को पाने के लिए तन और मन से उनका सुमिरन करना बेहद आवश्यक है. भगवान केवल भाव के भूखे होते हैं, उन्हें धन की नहीं बल्कि सच्चे मन की आवश्यकता होती है.मन यदि ईश्वर में लीन हो जाये, तो भागवत कृपा सहज ही प्राप्त हो जाती है.
ईश्वर के कई रूप, भक्तों का लक्ष्य एक होना चाहिए
उन्होंने आगे बताया कि ईश्वर के रूप अनेक हैं, लेकिन भक्तों का लक्ष्य एक होना चाहिए. श्रीमद् भागवत गीता के आधार पर हमें सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था और रुझान को मजबूत करना चाहिए तथा सकल विश्व के कल्याण की भावना के साथ कार्य करना चाहिए. उन्होंने बताया कि धर्म अकेले नहीं करना चाहिए. समाज के सभी लोगों को साथ लेकर धार्मिक कार्य करें, जो भगवान को जानने का मार्ग प्रशस्त करें, वही भागवत कथा है.
संगीतमय भजन से भाव-विभोर हुए श्रोता
संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के दौरान ''श्री राम जय राम जय जय राम'' के भजनों और कीर्तन से पूरा पंडाल और आसपास का माहौल पूरी तरह गूंज उठा. एक तरफ जहां श्रद्धालु संगीतमय कथा का आनंद ले रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गणेश महोत्सव के तहत भगवान गणेश के दर्शन के लिए भी भक्तों की लंबी-लंबी कतार लगी रही.
