Gaya Protest News : शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर छात्रों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है. Gen Z के बाद अब Alpha Kids भी अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते नजर आ रहे हैं. गया में बच्चों का ऐसा ही विरोध सामने आया, जहां छात्रों ने स्कूल की व्यवस्था को लेकर प्रशासन का ध्यान खींचा.
गया में बच्चों ने प्रखंड कार्यालय पर दिया धरना
डुमरिया प्रखंड के मध्य विद्यालय चहरा-पहरा में कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर सोमवार को मामला गरमा गया. विद्यालय के छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने प्रखंड कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग की.
मिड-डे मील से लेकर फर्जी हाजिरी तक के आरोप
ग्रामीणों की ओर से संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त आवेदन मिलने के बाद बीडीओ पंकज कुमार ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका से 24 घंटे के भीतर साक्ष्य सहित लिखित स्पष्टीकरण मांगा है. आवेदन में मध्याह्न भोजन योजना में अनियमितता, नियमित भोजन नहीं बनने और निर्धारित मेनू का पालन नहीं करने का आरोप लगाया गया है. ग्रामीणों ने कम उपस्थिति के बावजूद फर्जी हाजिरी बनाकर चावल और सरकारी राशि के कथित गबन की शिकायत की है.
500 रुपये लेने का भी लगाया आरोप
ग्रामीणों ने टीसी और प्रमाण-पत्र जारी करने के नाम पर प्रति छात्र 500 रुपये की कथित अवैध वसूली का आरोप भी लगाया है. आवेदन में कहा गया है कि राशि नहीं देने पर प्रमाण-पत्र रोकने की बात कही जाती है. इसके अलावा विद्यालय विकास मद की राशि के इस्तेमाल में अनियमितता और गरीब एससी व पिछड़े वर्ग के बच्चों के साथ भेदभाव का भी आरोप लगाया गया है.
प्रधानाध्यापिका ने आरोपों को बताया निराधार
प्रभारी प्रधानाध्यापिका बबिता कुमारी ने सभी आरोपों को निराधार और तथ्यहीन बताया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल वह प्रशिक्षण में हैं. अब प्रशासनिक जांच और प्रधानाध्यापिका के जवाब के बाद ही शिकायतों की वास्तविकता स्पष्ट होगी.
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक नियमित रूप से नहीं बुलाने और मनमाने तरीके से विद्यालय संचालन का आरोप लगाया है. साथ ही ग्रामीणों और अभिभावकों को मुकदमे में फंसाने की शिकायत भी की गई है. बीडीओ ने कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
गया के सिमुआरा स्कूल में भी बच्चों का प्रदर्शन
इसी बीच गया जिले के टिकारी प्रखंड स्थित सिमुआरा मध्य विद्यालय में भी बच्चों ने अपनी बुनियादी जरूरतों को लेकर आवाज उठाई. छठी से आठवीं कक्षा के दर्जनों छात्र करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर अनुमंडल कार्यालय पहुंचे. बच्चों ने साफ पानी, बेहतर मिड-डे मील, शौचालय, बिजली, पंखे, यूनिफॉर्म और नियमित पढ़ाई जैसी सुविधाओं की मांग की.
SDM कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे बच्चे
बच्चों के प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इसमें छात्र SDM कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठे नजर आए. बच्चों का कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, वे वहां से नहीं हटेंगे. बच्चों का यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े करता है.
प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने बनाई जांच टीम
मामला सामने आने के बाद टिकारी के SDM प्रवीण कुंदन ने स्कूल की स्थिति की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की. समिति में सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी चंदन कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी रंजीत सिंह और प्रखंड विकास पदाधिकारी योगेंद्र पासवान को शामिल किया गया. टीम को स्कूल का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया.
अधिकारियों ने स्कूल का किया औचक निरीक्षण
इसके अगले दिन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नित्यम कुमार गौरव और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार रमन ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. अधिकारियों ने बच्चों से सीधे बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं. स्कूल प्रशासन को सात दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार करने का निर्देश दिया गया.
पानी, बिजली और मिड-डे मील की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कक्षाओं में पढ़ाई, मिड-डे मील की गुणवत्ता, साफ-सफाई, बिजली, पंखे और शौचालय जैसी सुविधाओं की स्थिति देखी. स्कूल में तत्काल सफाई, मरम्मत, पौष्टिक भोजन, बिजली की वायरिंग पूरी कराने और सभी कमरों में पंखे लगाने के निर्देश दिए गए. साथ ही नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करने को कहा गया.
हेडमास्टर और शिक्षकों को नोटिस
बच्चों के प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी. ब्लॉक शिक्षा पदाधिकारी ने हेडमास्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया. उनसे पूछा गया कि पढ़ाई के समय बच्चे चार किलोमीटर दूर प्रदर्शन करने कैसे पहुंच गए और स्कूल में नियमित पढ़ाई क्यों नहीं हो रही थी. मिड-डे मील में कथित तौर पर कीड़े मिलने और शैक्षणिक भ्रमण से जुड़े सवाल भी नोटिस में उठाए गए.
सात अन्य शिक्षकों से भी मांगा जवाब
स्कूल के सात अन्य शिक्षकों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया. उनसे पूछा गया कि छात्रों की समस्याओं और बढ़ती नाराजगी की जानकारी समय रहते विभाग को क्यों नहीं दी गई. सभी को 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है. प्रदर्शन वाले दिन का वेतन फिलहाल रोकने की कार्रवाई भी की गई है.
बच्चों के विरोध ने शिक्षा व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
गया की इन घटनाओं ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है. जब छोटे बच्चे साफ पानी, शौचालय, पंखे, भोजन और नियमित पढ़ाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए स्कूल से निकलकर धरने पर बैठने लगें, तो शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है. Alpha Kids का यह विरोध प्रशासन और शिक्षा विभाग के लिए भी एक गंभीर संदेश माना जा रहा है.
