Gayaji News: (गयाजी से नीरज कुमार की रिपोर्ट)
गयाजी के विष्णुपद मंदिर का जीर्णोद्धार कराने वाली नारी शक्ति की प्रतीक पुण्यश्लोक महारानी अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के अवसर पर रविवार को महारानी अहिल्याबाई होल्कर विचार मंच की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत भव्य शोभायात्रा के साथ हुई.
शोभायात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मंच से जुड़े पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंडा समाज के लोगों ने महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके जनकल्याणकारी कार्यों को याद किया. विष्णुपद मंदिर प्रांगण से निकाली गई आकर्षक शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं. रथ पर महारानी अहिल्याबाई की भव्य प्रतिमा विराजमान थी, जो उनके साहस और नेतृत्व का प्रतीक बन आकर्षण का केंद्र रही. शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए सिजुआर भवन पहुंची, जहां सभा का आयोजन किया गया.
दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार मंगलम, जीबीएम कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सीमा पटेल, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. बृजेश कुमार सिंह, समाजसेवी उषा डालमिया एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राम सिंहासन सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा अहिल्याबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया.
समाज सेवा और गौ सेवा के क्षेत्र में किया गया सम्मानित
इस अवसर पर जीबीएम कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ. शांति सिंह को समाज सेवा एवं शिक्षा के क्षेत्र में तथा ऋग्वेदनी वेदा को गौ सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘अहिल्याबाई होल्कर स्मृति सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया. उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र भेंट किए गए. साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया.
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं अहिल्याबाई
मुख्य अतिथि कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार मंगलम ने कहा कि महारानी अहिल्याबाई होल्कर सुशासन, न्यायप्रियता, धार्मिक सहिष्णुता और नारी सशक्तीकरण के आदर्शों की प्रतिमूर्ति थीं. उन्होंने देश के कई धार्मिक स्थलों पर मठ, मंदिर, धर्मशालाएं, जलाशय, कुएं और घाटों का निर्माण कराया. गया जी में विष्णुपद मंदिर का जीर्णोद्धार कर उन्होंने धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
न्यायप्रिय और प्रेरणादायी महिला शासक थीं अहिल्याबाई होल्कर
मुख्य वक्ता डॉ. सीमा पटेल ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर 18वीं शताब्दी की एक न्यायप्रिय और प्रेरणादायी महिला शासक थीं. उनका जीवन आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है. उन्होंने कहा कि समाज को उनके आदर्शों और पदचिह्नों पर चलने की आवश्यकता है.
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में समाजसेवी उषा डालमिया, वार्ड पार्षद सारिका वर्मा, अनिल स्वामी, सचिव काशीनाथ प्रसाद, उपाध्यक्ष टिब्लू सिंह, डॉ. सुदर्शन शर्मा, डॉ. उमाशंकर सिंह, डॉ. जितेंद्र कुमार, बेबी कुमारी, मणिलाल बारिक, विनोद लाल मेहरवार, केशव मेहरवार, प्रेमनाथ टईया, रतन गायव, रामकुमार बारिक, अनंतधीश अमन, अजय प्रसाद राजू, सीमा सिन्हा, सरिता त्रिपाठी, मुन्नी देवी, अर्पणा मिश्रा, अश्वनी कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.
