गयाजी से जितेंद्र मिश्रा की रिपोर्ट
Gayaji Medical Hospital: गयाजी के मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी है. डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सोमवार को भी ओपीडी सेवा पूरी तरह बंद है. जिससे इलाज कराने पहुंचे सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल परिसर में सुबह से ही अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है. कई मरीज अस्पताल परिसर में खड़े हैं.
जूनियर डॉक्टरों की शर्त
आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि हॉस्टल, सड़क और मेस से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान होने तक ओपीडी सेवा शुरू नहीं की जाएगी. डॉक्टरों ने साफ कहा कि हर बार आंदोलन के दौरान केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं होता.
आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में जूनियर डॉक्टर
जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि इस बार वे केवल आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे. उनकी मांगों पर वास्तविक कार्य शुरू होने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा. उनका आरोप है कि कॉलेज और अस्पताल प्रशासन वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी करता रहा है.
28 घंटे बाद शुरू हुई इमरजेंसी सेवा
हालांकि रविवार देर शाम कॉलेज प्राचार्य के साथ हुई वार्ता के बाद 28 घंटे से बंद इमरजेंसी सेवा को फिर से चालू कर दिया गया. इसके बावजूद ओपीडी सेवा बहाल नहीं हो सकी, जिससे सामान्य मरीजों की परेशानी कम नहीं हुई.
ओपीडी बंद रहने से मरीजों का फूटा गुस्सा
लगातार चौथे दिन ओपीडी बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. नाराज लोगों ने अस्पताल अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया. मरीजों का कहना था कि उन्हें इलाज के लिए घंटों भटकना पड़ रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मगध मेडिकल थाना पुलिस और कई पुलिसकर्मी मौके पर तैनात किए गए. पुलिस अधिकारियों ने मरीजों और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, ताकि अस्पताल परिसर में शांति बनी रहे.
अधीक्षक बोले- जूनियर डॉक्टर नहीं चलने दे रहे ओपीडी
अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल ने बताया कि रविवार रात हुई बातचीत के बाद स्थिति सामान्य लग रही थी, लेकिन सोमवार सुबह जूनियर डॉक्टर ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पहुंच गए और सेवा शुरू नहीं होने दी. उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है.
स्वास्थ्य व्यवस्था पर खड़े हुए बड़े सवाल
मगध प्रमंडल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में लगातार चार दिनों से ओपीडी सेवा ठप रहने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों और प्रशासन के बीच की खींचतान का सबसे बड़ा खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है. फिलहाल मरीजों और उनके परिजनों की निगाहें प्रशासन और जूनियर डॉक्टरों के बीच होने वाली अगली वार्ता पर टिकी हैं. जब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकलता. तब तक हजारों मरीजों की मुश्किलें बढ़ती रहने की आशंका है.
