गया में थानेदार सस्पेंड, जनसुनवाई में मिली शिकायत के बाद आईजी विकास वैभव की बड़ी कार्रवाई

Gaya Police: पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान मिली शिकायत पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कोंच थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार को निलंबित कर दिया गया है.

Gaya Police: (रोशन कुमार) पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान मिली शिकायत पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कोंच थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार को निलंबित कर दिया गया है. जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई. वहीं, मामले को लेकर थानाध्यक्ष को भी भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी गई है.

आईजी विकास वैभव के पास पहुंची थी शिकायत

दरअसल, मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक छात्रा की शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है. कोंच थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार को जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं, थाना स्तर पर लापरवाही को लेकर थानाध्यक्ष को भी सख्त चेतावनी दी गई है.

छात्रा ने लगाया मोबाइल और चाभी वापस नहीं करने का आरोप

आवेदिका शानू कुमारी ने आईजी विकास वैभव को आवेदन देकर आरोप लगाया कि कोंच थाना कांड संख्या-67/26 के अनुसंधानकर्ता दारोगा मनोज कुमार उनके दुकान की चाभी और मोबाइल फोन वापस नहीं कर रहे थे. जबकि दोनों सामान जब्ती सूची में शामिल भी नहीं थे.

पैसे मांगने का भी लगा गंभीर आरोप

शिकायत में छात्रा ने आरोप लगाया कि कई बार सामान मांगने के बावजूद दारोगा द्वारा पैसे की मांग की जा रही थी. आवेदिका ने बताया कि बीपीएससी परीक्षा पास करने पर मिली 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि में से मजबूरीवश 20 हजार रुपये भी देने पड़े थे.

पिता जेल में बेटी पर परिवार की जिम्मेदारी

आवेदिका ने बताया कि उनके पिता पिछले ढाई महीने से जेल में बंद हैं, जिसके कारण पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन पर है. मोबाइल नहीं मिलने से उनकी ऑनलाइन पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी. छात्रा ने मामले की जांच कर सामान वापस दिलाने की गुहार लगाई थी.

जांच में खुली दारोगा की बड़ी लापरवाही

आईजी कार्यालय के निर्देश पर टिकारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा मामले की जांच की गई. जांच में यह तथ्य सामने आया कि दारोगा मनोज कुमार ने अभियोग से संबंधित दो मोबाइल फोन और दुकान की चाभी को विधि-सम्मत प्रक्रिया का पालन किए बिना अपने पास रखा था. इसकी जानकारी न तो जब्ती सूची में दी गई और न ही न्यायालय को सूचित किया गया.

दो महीने तक बिना आदेश रखे गए सामान

जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित सामग्री को दो महीने से अधिक समय तक बिना किसी वैध आदेश या कानूनी प्रक्रिया के रखा गया. इससे विभागीय कार्यप्रणाली की पारदर्शिता और अनुसंधान प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए.

आचरण संदिग्ध और अनुशासनहीन पाया गया

मोबाइल और चाभी वापस करने के एवज में अवैध राशि मांगने के आरोप की जांच के बाद अनुसंधानकर्ता का आचरण संदिग्ध और अनुशासनहीन पाया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी विकास वैभव ने दारोगा मनोज कुमार को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया.

गया पुलिस केंद्र बनाया गया मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान दारोगा मनोज कुमार का मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया गया है. साथ ही संबंधित कांड की जांच दूसरे पदाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके.

थानाध्यक्ष को भी मिली सख्त चेतावनी

जांच रिपोर्ट में थाना स्तर पर जब्त वस्तुओं के रख-रखाव में लापरवाही सामने आई. इसके बाद कोंच थानाध्यक्ष को भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी गई और निर्देश दिया गया कि बिना विधिवत जब्ती सूची तैयार किए किसी भी वस्तु को थाना में नहीं रखा जाएगा.

आईजी बोले- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने साफ कहा है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, कर्तव्यहीनता और मनमानी के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है. आम लोगों का विश्वास बनाए रखने और निष्पक्ष अनुसंधान सुनिश्चित करने के लिए दोषी पुलिसकर्मियों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.

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Published by: Sakshi Kumari

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